Varanasi News: राहुल गांधी की बढ़ीं मुश्किलें, भाषण मामले में याचिका स्वीकार; सिख समुदाय को भड़काने का आरोप
Rahul Gandhi: आरोप लगा है कि राहुल गांधी ने अमेरिका व देश में सिख समुदाय को भड़काने संबंधी बयान दिया था। वाराणसी के न्यायालय में एक सामाजिक कार्यकर्ताओं ने याचिका डालकर एफआईआर की गुहार लगाई थी।
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Varanasi News: विशेष न्यायाधीश (एमपी/एमएलए) यजुवेंद्र कुमार सिंह की अदालत ने सोमवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ दाखिल निगरानी वाद को स्वीकार कर लिया है।
अदालत ने दोनों पक्षों को गुण-दोष के आधार पर सुनवाई और आदेश के लिए अवर न्यायालय एसीजेएम-4 के समक्ष उपस्थित होने का आदेश दिया। अब दोनों ही पक्ष सुनवाई के लिए अवर न्यायालय में उपस्थित होंगे और नए सिरे से आदेश पारित किया जाएगा। इस मामले में निचली अदालत ने नवंबर 2024 में खारिज कर दिया था।
यह निगरानी वाद सामाजिक कार्यकर्ता नागेश्वर मिश्रा ने दाखिल किया था। उनका कहना था कि कांग्रेस नेता ने अमेरिका में बयान देकर सिख समुदाय को भड़काने का प्रयास किया था। राहुल ने कहा कि भारत में सिखों को कुछ करने की आजादी नहीं है।
इस मामले में अदालत से मुकदमा दर्ज करने का आदेश देने का अनुरोध किया गया था। मामले की सुनवाई एसीजेएम-4 की अदालत ने की थी और 28 नवंबर 2024 को यह कहकर निरस्त कर दिया था कि राहुल गांधी एक लोकसेवक हैं। यह बयान उन्होंने भारत से बाहर दिया था।
राहुल गांधी के विरुद्ध अभियोजन चलाने के लिए केंद्र सरकार की स्वीकृत नहीं ली गई है, इसलिए प्रार्थना पत्र पोषणीय नहीं है, इसे निरस्त किया जाता है। इस आदेश के खिलाफ नागेश्वर ने सत्र न्यायालय में अपील दाखिल की थी। इस पर सोमवार को सुनवाई हुई और अदालत ने निगरानी वाद को स्वीकार कर लिया। साथ ही एसीजेएम-4 के आदेश को निरस्त कर दिया। अदालत ने मामले की सुनवाई नए सिरे से करने का आदेश दिया है।