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Varanasi: भागवत कथा के बाद गूंजीं कुरान की आयतें, बाइबिल की प्रार्थना, कोरोना मृतकों की मुक्ति के लिए कामना

Fri, 13 Oct 2023 07:07 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Fri, 13 Oct 2023 07:07 PM IST
सार

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के धर्मानुष्ठान के बाद मुस्लिम और इसाई धर्मगुरुओं ने कोरोना काल में असमय मरने वालों की सद्गति के लिए प्रार्थना की। इसके साथ ही शुक्रवार को छह दिवसीय मुक्ति कथा का भी समापन हो गया।

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Quran and prayers of Bible After Bhagwat Katha in varanasi wishes for salvation of Corona dead resonated
ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

काशी के केदारखंड के शंकराचार्य घाट पर भागवत कथा के बाद कुरान की आयतें गूंजी और बाइबिल की प्रार्थना हुई। ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के धर्मानुष्ठान के बाद मुस्लिम और इसाई धर्मगुरुओं ने कोरोना काल में असमय मरने वालों की सद्गति के लिए प्रार्थना की। इसके साथ ही शुक्रवार को छह दिवसीय मुक्ति कथा का भी समापन हो गया।

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शंकराचार्य ने कहा कि सभी प्राणियों का आरंभ जन्म से होता है पर अंत कैसा होगा, इसमें सबके विचार अलग-अलग हैं। जो स्वयं को केवल शरीर मानता है, उसका अंत तो मृत्यु से होता है। पर जो स्वयं को शरीर नहीं मानता उसका अंत मृत्यु से नहीं होता। श्रीमद्भागवत कहती है जो स्वयं भागवत हो जाता है उसका अंत मुक्ति से होता है। भागवत का अर्थ है भगवान का।
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शंकराचार्य ने दर्शन शब्द की व्याख्या करते हुए कहा कि दर्शन का अर्थ है जिससे देखा जाए। सामान्य रूप से आंखों से देखा जाता है इसीलिए आंखों को दर्शन कहा जाता है पर सब चीजें आंख से नहीं दिखतीं। बहुत पास और बहुत दूर की चीजें हम अपनी आंखों से नहीं देख सकते। इसलिए दर्शन का अर्थ ज्ञान चक्षु, ज्ञान दृष्टि समझना चाहिए जो भगवान की कृपा से प्राप्त हो सकती है। कार्यक्रम का समापन श्रीमद्भागवत महापुराण की आरती और प्रसाद वितरण से हुआ। 
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ईसाई और इस्लाम के अनुसार भी हुई जीवात्माओं की सद्गति की प्रार्थना

श्रीमद्भागवत मुक्ति कथा के बाद मैत्री भवन के फादर यान और मुस्लिम समाज के अतहर जमाल लारी ने अपने-अपने धर्म और मजहब के अनुसार कोरोना काल में काल-कवलित हुए असंख्य जीवात्माओं की सद्गति के लिए प्रार्थना की।

शनिवार को प्रातः नौ बजे से शंकराचार्य घाट पर कोरोना काल में जिनकी मृत्यु हुई, उन असंख्य जीवात्माओं की मुक्ति के लिए आचार्य पं. अवधराम पांडेय के आचार्यत्व में त्रिपिंडी श्राद्ध और तर्पण कार्यक्रम होगा।

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