काशी में अजब-गजब मौसम: सुबह 34.4 डिग्री तापमान, शाम को हुई 34.4 मिमी बारिश; उमस भरी गर्मी से राहत
जिले में शुक्रवार को दिनभर उमस के बाद शाम तक 34.5 मिलीमीटर बारिश हुई। अधिकतम तापमान 34.4 डिग्री रहा, जबकि रात में यह करीब 23 डिग्री पहुंच गया। न्यूनतम तापमान 23.4 डिग्री दर्ज हुआ। पश्चिमी विक्षोभ और अरब सागर की नमी से बारिश हुई। गंगा का जलस्तर घटकर 67.44 मीटर पहुंच गया।
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काशी में शुक्रवार को दिनभर उमस भरी गर्मी के बाद शाम होते-होते मौसम बदल गया। दोपहर में अधिकतम तापमान 34.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने से लोग गर्मी और उमस से परेशान रहे। इसके बाद नमी बढ़ने के साथ बारिश शुरू हुई। सूर्यास्त तक 34.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। बारिश के बाद मौसम खुशनुमा हो गया और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली।
बारिश के बाद तापमान में भी तेजी से गिरावट आई। रात करीब 10 बजे तक तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 23.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस दौरान हवा करीब 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली। बारिश के बाद शहर के कई हिस्सों में मौसम सुहाना हो गया। दिनभर गर्मी से परेशान लोगों ने शाम को राहत महसूस की।
यूपी आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ विज्ञानी डॉ. अतुल कुमार सिंह ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ और अरब सागर से आ रही नमी के प्रभाव से पूर्वांचल में थंडरस्टॉर्म के साथ बारिश हो रही है। उन्होंने बताया कि आगामी दिनों में किसी तरह का कोई अलर्ट नहीं है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर बादल बनने और बारिश होने की स्थिति बनी रह सकती है।
मौसम में आए बदलाव से शहर के तापमान में भी अंतर देखने को मिला। दोपहर में अधिकतम तापमान 34.4 डिग्री तक पहुंचने के बाद बारिश से रात में तापमान करीब 23 डिग्री तक आ गया। मौसम विभाग के अनुसार नमी और स्थानीय मौसमी परिस्थितियों के कारण पूर्वांचल के कुछ हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है।
दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की दर से घटा गंगा का जलस्तर
बारिश के बीच गंगा के जलस्तर में गिरावट जारी रही। शुक्रवार को गंगा का जलस्तर दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की दर से घटकर 67.44 मीटर पर पहुंच गया। इससे घाटों और आसपास के क्षेत्रों में भी राहत की स्थिति बनी हुई है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार आगामी दिनों में गंगा का जलस्तर और नीचे जा सकता है।
गंगा के जलस्तर में लगातार गिरावट से नदी किनारे रहने वाले लोगों और घाटों पर आने वाले श्रद्धालुओं को राहत मिली है। केंद्रीय जल आयोग जलस्तर की लगातार निगरानी कर रहा है। अधिकारियों के अनुसार फिलहाल जलस्तर में बढ़ोतरी के संकेत नहीं हैं और आने वाले दिनों में इसके और घटने की संभावना है।