पूर्वांचल में शीतलहर जैसे हालात: बर्फीली हवाओं ने बढ़ाई गलन, लुढ़के पारे ने छुड़ाई कंपकंपी, वैज्ञानिक बोले- अभी ऐसे ही रहेगा मौसम
वाराणसी समेत पूरे पूर्वांचल में शीतलहर जैसे हालात है। कश्मीर से आ रही सर्द हवाओं ने कंपकंपी बढ़ा दी है। वाराणसी में न्यूनतम तापमान 5.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
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विस्तार
कोल्ड फ्रंट की दस्तक के बाद वाराणसी समेत पूरे पूर्वांचल में चल रही ठंडी हवाओं के पंच से न्यूनतम तापमान रविवार को पांच डिग्री सेल्सियस तक कम हो गया। पहाड़ों से आने वाली हवाओं से लोग दिन में ठिठुरते रहे। शाम को तो गलन और बढ़ गई। इस वजह से तापमान भी औसत मानक (अधिकतम 25 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 10 डिग्री सेल्सियस) से नीचे आ गया।
अधिकतम तापमान 19.8 रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 5.0 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। मौसम वैज्ञानिक के अनुसार, ये शीतलहर जैसी स्थिति है। अभी तीन चार दिन तक ऐसे ही मौसम बना रहेगा। सोमवार सुबह से धूप निकली है लेकिन उसका कोई असर नहीं है। 10 से 15 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं।
शीतलहर का प्रकोप बढ़ेगा
मौसम वैज्ञानिक एसएन पांडेय ने बताया कि जब भी औसत से तापमान कम होकर पांच डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाए तो यह शीतलहर जैसी स्थिति होती है। आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ेगी और बनारस समेत पूर्वांचल में शीतलहर का प्रकोप भी देखने को मिलेगा।
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एक सप्ताह के तापमान का आंकड़ा
तारीख अधिकतम न्यूनतम
- 19 दिसंबर 19.8 5.0
- 18 दिसंबर 21.6 9.8
- 17 दिसंबर 25.2 10.2
- 16 दिसंबर 26.0 9.9
- 15 दिसंबर 24.2 7.5
- 14 दिसंबर 23.4 7.0
- 13 दिसंबर 24.2 7.0
(तापमान डिग्री सेल्सियस में )
सार्वजनिक जगहों पर नहीं जल रहे अलाव
जिले में रविवार को अन्य दिनों की अपेक्षा गलन अधिक रही। औसत तापमान से पांच डिग्री सेल्सियस पारा नीचे आ गया है। इसके बाद भी नगर निगम की ओर से शहर में सार्वजनिक जगहों पर अलाव की व्यवस्था नहीं की गई। इस वजह से सबसे अधिक परेशानी उनको हो रही है जो किसी तरह चौराहों पर रात गुजारते हैं।
लोगों ने अब तक अलाव की व्यवस्था न करने को नगर निगम की लापरवाही बताया है। आम तौर पर नवंबर महीना बीतने के बाद से ही नगर निगम की ओर से अलाव की व्यवस्था कर दी जाती थी लेकिन इस बार दिसंबर का महीना बीतने की ओर है अब तक अलाव कहीं नहीं जलते दिख रहे हैं। इससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
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