पाकिस्तान जेल से वापस आने के बाद अमृतसर में है पुनवासी, घर वापसी को मदद का इंतजार कर रही बहन
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पाकिस्तान की जेल से छूट कर भारत वापस आया पुनवासी अमृतसर में फंस गया है। घर वापसी के लिए उसकी बहन का परिवार मदद का इंतजार कर रहा है। परिवार में सिर्फ बहन ही बची है। गरीबी का दंश झेल रही बहन को पीड़ा है कि भाई को घर वापस लाने के लिए कोई पहल नहीं कर रहा है। वहीं जिला प्रशासन का कहना है कि पुनवासी को वापस लाने के लिए अमृतसर के अधिकारियों से बात की जा रही है।
मिर्जापुर के देहात कोतवाली क्षेत्र के भरुहना निवासी पुनवासी 11 वर्ष पहले 2009 में बार्डर पार कर पाकिस्तान चला गया था। पाकिस्तान की जेल में सजा पूरी करने के बाद भी उसके राष्ट्रीयता की पुष्टि न होने से वह जेल में ही बंद रहा। दो वर्ष पहले पाकिस्तान सरकार ने भारतीय विदेश मंत्रालय को पता भेजकर भारतीय युवक के बंद होने की जानकारी दी। दो वर्ष की कठिन मेहनत के बाद छह अक्तूबर को खुफिया विभाग ने उसका पता लगाया। इसके बाद उसके वतन वापसी के लिए कार्रवाई शुरु हो गई। 17 नवंबर को वह अटारी बार्डर पर बीएसएफ को सौंपा गया। इसके बाद वह अमृतसर में है।
बहन किरण ने बताया कि दो दिन पहले किसी साहब का फोन आया था। बताया कि तुम्हारा भाई पंजाब में है। वहां जाकर उसे ले आएं। बहन का कहना है कि वह पंजाब जाने में असमर्थ हैं। मांग किया कि कोई उसके भाई को पंजाब से घर तक लाने में उसकी मदद करे।
छह भाईयों में सिर्फ पुनवासी ही बचा
छह भाइयों में सिर्फ पुनवासी ही अकेला बचा है। एक भाई अभी भी लापता है, अन्य की मौत हो चुकी है। पुनवासी की शादी बहन की ससुराल में ही हुई थी। उसके शादी का खर्च भी बहन ने ही उठाया था। शादी के एक वर्ष बाद से ही पुनवासी लापता हो गया। उसकी पत्नी ने किसी और से शादी कर ली है।