वाराणसी के 100 मोहल्लों में आ रहा गंदा पानी: अंदाज से समाधान निकाल रहे जिम्मेदार; पाइप भी सौ साल पर पुरानी
Water Problem: नगर आयुक्त अक्षत वर्मा ने जलकल परिसर का निरीक्षण किया। बेहतर जलापूर्ति की हिदायत जलकल महाप्रबंधक को दी। वहीं, वाराणसी में पेयजल की लाइन 100 साल से ज्यादा पुरानी हो गई है। लीकेज के कारण सीवर का पानी पेयजल लाइन में मिल जा रहा है।
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वाराणसी शहर के 100 मोहल्ले के लोग दूषित जलापूर्ति से परेशान हैं। जलकल के पास ऐसी कोई मशीन नहीं है, जिससे पता लगाया जा सके कि गंदा पानी कहां से आ रहा है। जब समस्या गहराती है, तब अंदाज से सड़क की खोदाई करके समाधान का प्रयास किया जाता है। कई बार खोदाई बेकार जाती है। क्षतिग्रस्त पाइपलाइन ढूंढे नहीं मिलती है।
भदैनी स्थित रॉ वाटर पंपिंग स्टेशन से भेलूपुर वाटर टैंक में पानी भेजा जाता है। यहां से शोधित पेयजल की आपूर्ति की जाती है। जब यह पानी लोगों के घर पहुंचता है, तब दूषित हो जाता है। इसका मुख्य कारण पेयजल की क्षतिग्रस्त पाइपलाइन है। बिजली निगम, दूर संचार और गैस की कंपनियां लगातार खोदाई और ड्रिलिंग करके पाइपलाइनें क्षतिग्रस्त कर रही हैं।
सीवर लाइन डालने के दौरान भी लाइन क्षतिग्रस्त होती है। जलकल अफसरों के मुताबिक, पेयजल की लाइन 100 साल से ज्यादा पुरानी हो गई है। लीकेज के कारण सीवर का पानी पेयजल लाइन में मिल जा रहा है। इसके चलते लोगों के घरों में दूषित जलापूर्ति हो रही है।
लोग कर प्रदर्शन, हो रहे बीमार
दूषित जलापूर्ति से खफा लोगों ने बीते सोमवार भदऊं चुंगी पर प्रदर्शन किया था। आनन-फानन में खोदाई भी की गई थी, लेकिन गंदे पानी के स्थान का पता नहीं चल पाया। इस बीच दो लोग बीमार होकर अस्पताल पहुंच गए। क्षेत्र के पार्षद बबलू शाह ने बताया कि उस्मान का बेटा और एक अन्य युवती अविका अग्रहरि दूषित पानी पीने से बीमार हो गईं। इस समय अस्पताल में भर्ती हैं। इसी तरह की समस्या दूसरे क्षेत्रों में भी है।
पेयजल की लाइन में डाला बिजली का तार
ग्रामीण इलाकों में भी पेयजल संकट
पिंडरा बाजार में पाइपलाइन में लीकेज के चलते लोग दूषित पेयजल पीने को विवश हैं। क्षेत्र के रमेश जायसवाल और अनूप जायसवाल ने कहा कि यदि लीकेज पाइप को जल निगम ने ठीक नही कराया तो बाजार के सभी लोग कनेक्शन कटवाएंगे। मिर्जामुराद में भी दूषित पेयजल का संकट है।
क्षेत्र के अजित यादव, नीलेश तिवारी, गौरव गुप्ता, मनीष गुप्ता, विनोद सोनकर ने कई बार शिकायत की, लेकिन कुछ नहीं हुई। कछवा रोड के सार्वजनिक स्थानों पर लगे सरकारी हैंडपंप खराब हैं। इससे ठटरा, चित्रसेनपुर, छतेरी, गुड़िया, बिहड़ा सहित अन्य गांवों के लोग परेशान हैं।
एक नजर में
1892 - शहर में शुरू हुई जलापूर्ति
20.83 लाख -जनसंख्या
168 - नलकूप
133- मिनी नलकूप
1500 किमी-पाइप लाइनों की लंबाई
100-वार्ड
1906 -हैंडपंपों की संख्या
वर्जन
दूषित जलापूर्ति की चुनौती से निपटने के लिए ही टैंकर लगाए गए हैं। समस्या के समाधान के लिए मौके पर जलकल के कर्मचारी लगे हैं। हर वार्ड में दो सुपरवाइजर और एक कर्मचारी की तैनाती की जा रही है। - संदीप श्रीवास्तव, पीआरओ, नगर निगम
नगर आयुक्त ने बेहतर जलापूर्ति की हिदायत दी
नगर आयुक्त अक्षत वर्मा ने जलकल परिसर का निरीक्षण किया। बेहतर जलापूर्ति की हिदायत जलकल महाप्रबंधक को दी। साथ ही डिमांड और आपूर्ति रजिस्टर को मेंटेन करने के साथ ही फील्ड में कर्मचारियों को लगाने और गर्मी को ध्यान में रखकर पानी की आपूर्ति सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी दी। इस दौरान अभियंताओं से क्षेत्र में आने वाली समस्याओं के बारे में पूछा।
सेप्टिक टैंक साफ कराने के लिए जलकल के कंट्रोल रूम में करें फोन
वाराणसी। सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए जलकल के कंट्रोल रूम के मोबाइल नंबर 8935000976 पर फोन कर सकते हैं। इसी सिलसिले में नगर आयुक्त अक्षत वर्मा ने मंगलवार को नगर निगम में बैठक की और कहा कि सेप्टिक टैंकों की सफाई ठीक से कराएं।
नियमानुसार, हर तीन साल में सेप्टिक टैंकों की सफाई होती है।सफाई से भवनों में होने वाली सीलन, प्रदूषण से बचा जा सकता है। सेप्टिक टैंक साफ कराने के लिए ढाई हजार रुपये का दर निधारित किया गया है।