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निजीकरण के विरोध में डीरेका कर्मियों ने बुलंद की आवाज
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वाराणसी। रेलवे व डीरेका को निगमीकरण और निजीकरण से बचाने को लेकर आयोजित सरकार जगाओ अभियान के अंतिम दिन बृहस्पतिवार को कर्मियों ने परिसर में आवाज बुलंद की। डीरेका मजदूर संघ के पदाधिकारियों व सदस्यों ने केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।
संघ के महामंत्री कृष्ण मोहन व कार्यवाहक अध्यक्ष राधा बल्लभ और कर्मचारी परिषद सदस्य नवीन सिन्हा ने कहा कि भारतीय रेल भारत की जीवन रेखा है, भारतीय रेल द्वारा देश के गरीबों, बीमारों और मजदूरों को उनकी यात्रा में जो सहायता मिलती है वह निजी क्षेत्र में जाने पर सुविधाएं नहीं मिल पाएंगी। इसके साथ ही रेलवे स्टेशनों को बेचने का निर्णय राष्ट्र के लिए आत्मघाती होगा।
प्रदर्शन में श्याम मोहन, देवता नंद, जयप्रकाश, केसी पांडेय, सुमित अग्रहरि, अश्वनी यादव, आशुतोष श्रीवास्तव, राम सिंह, रंग बहादुर, सुरेश सिन्हा, रोहित अलमादी, एसबी सिंह, शकील अहमद, अनुराग, दीपक पटेल, चंदन कुमार, शिव शंकर महतो, अक्षय दत, कैलाश चंद्र, मृत्युंजय सिंह, मणि प्रकाश आदि शामिल रहे।
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संघ के महामंत्री कृष्ण मोहन व कार्यवाहक अध्यक्ष राधा बल्लभ और कर्मचारी परिषद सदस्य नवीन सिन्हा ने कहा कि भारतीय रेल भारत की जीवन रेखा है, भारतीय रेल द्वारा देश के गरीबों, बीमारों और मजदूरों को उनकी यात्रा में जो सहायता मिलती है वह निजी क्षेत्र में जाने पर सुविधाएं नहीं मिल पाएंगी। इसके साथ ही रेलवे स्टेशनों को बेचने का निर्णय राष्ट्र के लिए आत्मघाती होगा।
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प्रदर्शन में श्याम मोहन, देवता नंद, जयप्रकाश, केसी पांडेय, सुमित अग्रहरि, अश्वनी यादव, आशुतोष श्रीवास्तव, राम सिंह, रंग बहादुर, सुरेश सिन्हा, रोहित अलमादी, एसबी सिंह, शकील अहमद, अनुराग, दीपक पटेल, चंदन कुमार, शिव शंकर महतो, अक्षय दत, कैलाश चंद्र, मृत्युंजय सिंह, मणि प्रकाश आदि शामिल रहे।
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