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ज्योतिष पीठ पर स्वरूपानंद के चयन का प्रस्ताव महामंडल में रद्द, पुलिस के हस्तक्षेप से टला टकराव
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Fri, 08 Dec 2017 10:49 AM IST
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भारत धर्म महामंडल की ऑल इंडिया कौंसिल की बैठक
- फोटो : अमर उजाला
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ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य पद पर चयन की खींचतान के बीच गुरुवार को भारत धर्म महामंडल की ऑल इंडिया कौंसिल की बैठक में कड़े सुरक्षा बंदोबस्त के चलते टकराव टल गया। हालांकि महामंडल भवन में दोनों धड़ों की अलग-अलग बैठकें चलीं।
जगद्गुरु स्वामी स्वरूपानंद के ज्योतिष पीठ पर चयन के एक धड़े के प्रस्ताव को मंत्री सभा ने अवैध ठहराते हुए रद्द कर दिया। निलंबित पांच पदाधिकारियों समेत अन्य सदस्यों को पहले बैठक में जाने से रोक दिया गया लेकिन स्थिति असहज होती देख अध्यक्ष डॉ. दयानिधि मिश्र ने उनको अंदर आने की अनुमति दी।
पढ़ेः शंकराचार्य के चयन पर धर्म महामंडल दो धड़ों में बंटा, जानिए क्या है विवाद
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इसके बाद इस धड़े ने 20 सदस्यों के हस्ताक्षर वाले स्वरूपानंद का चयन संबंधी पत्रक प्रस्तुत कर अलग बैठक शुरू कर दी। उधर, जनरल सेक्रेटरी शंभू उपाध्याय के शंकराचार्य चयन प्रक्रिया के एजेंडे पर विचार किया गया और योग्य संन्यासियों के नाम न आने की वजह से प्रक्रिया की अवधि 20 दिसंबर तक बढ़ाने का निर्णय लिया।
संस्था विरोधी कार्य करने के आरोप में पांच पदाधिकारियों के निलंबन की पुष्टि मंत्री सभा में ध्वनि मत से की गई। शंकराचार्य के चयन के लिए आठ सदस्यीय स्क्रीनिंग कमेटी गठित की गई।
वाराणसी के लहुराबीर स्थित भारत धर्म महामंडल के सभा कक्ष में शाम चार बजे ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य चयन के मसले पर ऑल इंडिया कौंसिल की बैठक आरंभ हुई। बैठक में जनरल सेक्रेटरी प्रो. शंभू उपाध्याय ने एजेंडा पढ़कर सुनाया।
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जगद्गुरु स्वामी स्वरूपानंद के ज्योतिष पीठ पर चयन के एक धड़े के प्रस्ताव को मंत्री सभा ने अवैध ठहराते हुए रद्द कर दिया। निलंबित पांच पदाधिकारियों समेत अन्य सदस्यों को पहले बैठक में जाने से रोक दिया गया लेकिन स्थिति असहज होती देख अध्यक्ष डॉ. दयानिधि मिश्र ने उनको अंदर आने की अनुमति दी।
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इसके बाद इस धड़े ने 20 सदस्यों के हस्ताक्षर वाले स्वरूपानंद का चयन संबंधी पत्रक प्रस्तुत कर अलग बैठक शुरू कर दी। उधर, जनरल सेक्रेटरी शंभू उपाध्याय के शंकराचार्य चयन प्रक्रिया के एजेंडे पर विचार किया गया और योग्य संन्यासियों के नाम न आने की वजह से प्रक्रिया की अवधि 20 दिसंबर तक बढ़ाने का निर्णय लिया।
संस्था विरोधी कार्य करने के आरोप में पांच पदाधिकारियों के निलंबन की पुष्टि मंत्री सभा में ध्वनि मत से की गई। शंकराचार्य के चयन के लिए आठ सदस्यीय स्क्रीनिंग कमेटी गठित की गई।
वाराणसी के लहुराबीर स्थित भारत धर्म महामंडल के सभा कक्ष में शाम चार बजे ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य चयन के मसले पर ऑल इंडिया कौंसिल की बैठक आरंभ हुई। बैठक में जनरल सेक्रेटरी प्रो. शंभू उपाध्याय ने एजेंडा पढ़कर सुनाया।
अभी तक जो नाम आए वो शंकराचार्य पद की गरिमा के अनुरूप नहीं
भारत धर्म महामंडल की ऑल इंडिया कौंसिल की बैठक
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद बीते 24 नवंबर को डिपार्टमेंटल सेक्रेटरी शंभूनाथ चतुर्वेदी, उपाध्यक्ष सत्यनारायण पांडेय, शशिनंदर दर, सत्येंद्र मिश्र और दिनेश मणि तिवारी की ओर से स्वामी स्वरूपानंद के नाम का प्रस्ताव पारित करने के अलावा मध्य प्रदेश के परमहंसी गंगा आश्रम पहुंचकर ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य पद पर अभिषेक करने की प्रक्रिया को अवैधानिक बताते हुए खारिज कर दिया।
इसके बाद पांचों पदाधिकारियों के निलंबन की पुष्टि की गई। अध्यक्ष दयानिधि मिश्र ने कहा कि स्वामी स्वरूपानंद उच्चकोटि के विद्वान संत हैं। हम सभी उनके प्रति निष्ठा रखते हैं और उनके भक्त हैं लेकिन विधिसम्मत प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए।
पढ़ेंः स्वामी स्वरूपानंद के अभिषेक पर महामंडल में घमासान तेज
उन्होंने कहा कि अभी तक जो नाम आए हैं, शंकराचार्य पद की गरिमा के अनुरूप नहीं हैं। इसलिए चयन प्रक्रिया की अवधि 20 दिसंबर तक के लिए बढ़ा दी गई। इस मौके पर चीफ सेक्रेटरी प्रो. प्यारे सिंह, राजेश राय, रवींद्र नाथ पांडेय समेत 17 सदस्य उपस्थित थे।
उधर, उपाध्यक्ष सत्यनारायण पांडेय की अगुवाई वाले दूसरे धड़े ने कार्यालय कक्ष में अलग बैठक कर 18 सदस्यों के बहुमत का दावा किया। कहा कि स्वरूपानंद का ज्योतिष्पीठ पर पूर्ण बहुमत से चयन किया जा चुका है। ऐसे में दयानिधि और शंभू उपाध्याय की ओर से बुलाई गई मंत्री सभा की बैठक और निलंबन की कार्रवाई दोनों विधि शून्य है।
इसके बाद पांचों पदाधिकारियों के निलंबन की पुष्टि की गई। अध्यक्ष दयानिधि मिश्र ने कहा कि स्वामी स्वरूपानंद उच्चकोटि के विद्वान संत हैं। हम सभी उनके प्रति निष्ठा रखते हैं और उनके भक्त हैं लेकिन विधिसम्मत प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए।
पढ़ेंः स्वामी स्वरूपानंद के अभिषेक पर महामंडल में घमासान तेज
उन्होंने कहा कि अभी तक जो नाम आए हैं, शंकराचार्य पद की गरिमा के अनुरूप नहीं हैं। इसलिए चयन प्रक्रिया की अवधि 20 दिसंबर तक के लिए बढ़ा दी गई। इस मौके पर चीफ सेक्रेटरी प्रो. प्यारे सिंह, राजेश राय, रवींद्र नाथ पांडेय समेत 17 सदस्य उपस्थित थे।
उधर, उपाध्यक्ष सत्यनारायण पांडेय की अगुवाई वाले दूसरे धड़े ने कार्यालय कक्ष में अलग बैठक कर 18 सदस्यों के बहुमत का दावा किया। कहा कि स्वरूपानंद का ज्योतिष्पीठ पर पूर्ण बहुमत से चयन किया जा चुका है। ऐसे में दयानिधि और शंभू उपाध्याय की ओर से बुलाई गई मंत्री सभा की बैठक और निलंबन की कार्रवाई दोनों विधि शून्य है।
स्वरूपानंद ने फोन पर ली घटनाक्रम की जानकारी
द्वारिका-शारदा पीठाधीश्वर स्वामी स्वरूपानंद
- फोटो : अमर उजाला
द्वारिका-शारदा पीठाधीश्वर स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने भारत धर्म महामंडल की मंत्री सभा की बुलाई गई बैठक के मद्देनजर हुए घटनाक्रम की फोन पर जानकारी ली। महामंडल के उपाध्यक्ष सत्यनारायण पांडेय ने उनको स्थिति से अवगत कराया।
सत्यनारायण ने बताया कि द्वारिका-शारदा पीठाधीश्वर ने परमहंसी आश्रम से ग्वालियर की यात्रा पर निकलते समय फोन पर महामंडल में चल रही गतिविधियों की जानकारी ली। उनको बताया गया कि कुछ अल्पमत के लोगों ने दोबारा चयन के लिए बैठक बुलाई है, जिसका कोई मतलब नहीं है।
सत्यनारायण ने बताया कि द्वारिका-शारदा पीठाधीश्वर ने परमहंसी आश्रम से ग्वालियर की यात्रा पर निकलते समय फोन पर महामंडल में चल रही गतिविधियों की जानकारी ली। उनको बताया गया कि कुछ अल्पमत के लोगों ने दोबारा चयन के लिए बैठक बुलाई है, जिसका कोई मतलब नहीं है।