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Varanasi: गंगा के जलबढ़ाव से परेशानियां, छत पर हो रहा शवदाह, नाविक हुए बेरोजगार, निचले इलाके में दहशत
Wed, 18 Sep 2024 05:12 PM IST
नितीश कुमार पांडेय
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
Published by: नितीश कुमार पांडेय
Updated Wed, 18 Sep 2024 05:12 PM IST
सार
वाराणसी में जल का बढ़ाव शांत हो गया हो अब गंगा घटाव की ओर हैं हर दो घंटे में एक सेंटीमीटर पानी घट रहा हो लेकिन किनारे पर परेशानियां अभी भी जारी हैं। वाराणसी के घाट जलमग्न हैं और हर ओर परेशानियां हैं ।
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राजेंद्र प्रसाद घाट की जलमग्न सीढ़ीयां
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
जलबढ़ाव के कारण परेशानियां चरम पर हैं। घाटों का आपसी संपर्कमार्ग बाधित है लिहाजा लोगों को यात्रा पूरी करने के लिए गलियों का सहारा लेना पड़ रहा है।दशाश्वमेध घाट पर गंगा सीढ़ियों के उपर आ चुकी हैं जल पुलिस कार्यालय जल में विलिन है काशी विश्वनाथ धाम के गंगा द्वार की तस्वीरें भी डराने वाली हैं यहां भी जल ही जल है ।
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मणिकर्णिका घाट पर तो परेशानियां चरम पर हैं गंगा का जल घाट से उपर गलियों की ओर पहुंच गया है जिससे शवदाह के लिए जगह कम पड़ गयी है। जहां कभी रोजाना पचास से साठ शवों का दाह होता था आज संख्या इतनी होने के बावजूद इन दिनों शवदाह के लिए कम से कम आधे घंटे तक इंतेजार करना पड़ रहा है।
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शवयात्री सोनू शर्मा भी अपनी परेशानियों को बता रहे हैं इनकी माने तो परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।घाट पर ही शवयात्रा में आये संजय कुमार भी ये कहते नजर आए कि हर साल बाढ़ आती है और इसी प्रकार समस्याएं बढ़ जाती हैं लेकिन इसका कोई समाधान नहीं होता।
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इस जलबढ़ाव के कारण नाविक भी परेशानी में है।नाविक संजय माझी की माने तो इन दिनों व्यवसाय ज्यादा प्रभावित हुआ है। पहले रोजाना लगभग एक हजार की कमाई हो जाती थी लेकिन जलबढ़ाव के बाद नौका संचालन बंद है जिससे अब इन्हे डर सता रहा है कि अगर हालात जल्दी न सुधरे तो आगे क्या होगा?