{"_id":"57e832d04f1c1b5942573e68","slug":"prized-possession-on-the-ground-benares-club-satrudra","type":"story","status":"publish","title_hn":"बेशकीमती जमीन पर बनारस क्लब का कब्जा : शतरुद्र ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बेशकीमती जमीन पर बनारस क्लब का कब्जा : शतरुद्र
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Mon, 26 Sep 2016 01:57 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वार्षिक चुनाव में सदस्यों की गुटबाजी और अफसरों की लॉबी के वर्चस्व को लेकर चर्चा में आए बनारस क्लब की उपयोगिता और उसको आवंटित सरकारी जमीन पर समाजवादी पार्टी के एमएलसी और पूर्व मंत्री शतरुद्र प्रकाश ने गंभीर सवाल उठाए हैं। इस मसले पर उन्होंने बीते एक सप्ताह से ‘अमर उजाला’ में प्रकाशित खबरों को आधार बनाते हुए शनिवार शाम कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव से मुलाकात की। पूर्व मंत्री ने यादव को ज्ञापन देकर बताया कि क्लब को दी गई पट्टे की मियाद कई साल पहले ही खत्म हो चुकी है। मौजूदा समय में नजूल की 1.33 एकड़ से अधिक जमीन पर क्लब का अवैध कब्जा है।
क्लब द्वारा किए गए कब्जे को मुक्त कराकर इस जमीन को जिला कचहरी परिसर के विस्तार के लिए दिया जाए। शिवपाल ने शतरुद्र प्रकाश के सवालों और सुझावों के मद्देनजर प्रमुख सचिव राजस्व से क्लब को आवंटित जमीन की जांच कर रिपोर्ट तलब की है। सपा नेता का कहना है कि सरकारी जमीन का लाभ एक लिमिटेड क्लब को क्योें मिले? इसका लाभ आमजन और सरकार के अंगों को क्यों नहीं मिलना चाहिए? ऐसे में उनका मानना है कि कि क्लब की जमीन पर कचहरी परिसर का विस्तार होने से अधिवक्ताओं को कायदे से बैठने की जगह मिल सकेगी।
न्यायालय भवनों का विस्तार हो सकेगा, बंदियों के लिए लॉकअप बनाया जा सकेगा। यह जगह कचहरी परिसर के विस्तार के लिए मिलने पर अधिवक्ताओं, न्यायिक अधिकारियों और वादकारियों के लिए यहां डबल स्टोरी पार्किंग बनाई जा सकेगी। शतरूद्र प्रकाश ने क्लब की मनमानियों का बिंदुबार ब्योरा देते हुए शिवपाल को अवगत कराया कि क्लब को दिए गए पट्टे की मियाद डेढ़ साल पहले खत्म हो चुकी है। इसके पहले 31 साल से पुराने पट्टे का नवीनीकरण नहीं कराया गया था। उससे भी बड़ी बात यह है कि जिस पुराने पट्टे का नवीनीकरण 1955 में होना चाहिए था, उसका नवीनीकरण 1985 में कैसे? उनका कहना है कि क्लब ने पट्टे से अधिक भूमि पर कब्जा ही नहीं किया है, पट्टे की शर्तों का उल्लंघन कर दो मंजिला बैंक्वेट हाल का निर्माण भी अवैध रूप से किया है। उनका कहना है कि आला अधिकारी नियम विरुद्ध हुए इस कब्जे को तत्काल हटवाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन
क्लब द्वारा किए गए कब्जे को मुक्त कराकर इस जमीन को जिला कचहरी परिसर के विस्तार के लिए दिया जाए। शिवपाल ने शतरुद्र प्रकाश के सवालों और सुझावों के मद्देनजर प्रमुख सचिव राजस्व से क्लब को आवंटित जमीन की जांच कर रिपोर्ट तलब की है। सपा नेता का कहना है कि सरकारी जमीन का लाभ एक लिमिटेड क्लब को क्योें मिले? इसका लाभ आमजन और सरकार के अंगों को क्यों नहीं मिलना चाहिए? ऐसे में उनका मानना है कि कि क्लब की जमीन पर कचहरी परिसर का विस्तार होने से अधिवक्ताओं को कायदे से बैठने की जगह मिल सकेगी।
विज्ञापन
न्यायालय भवनों का विस्तार हो सकेगा, बंदियों के लिए लॉकअप बनाया जा सकेगा। यह जगह कचहरी परिसर के विस्तार के लिए मिलने पर अधिवक्ताओं, न्यायिक अधिकारियों और वादकारियों के लिए यहां डबल स्टोरी पार्किंग बनाई जा सकेगी। शतरूद्र प्रकाश ने क्लब की मनमानियों का बिंदुबार ब्योरा देते हुए शिवपाल को अवगत कराया कि क्लब को दिए गए पट्टे की मियाद डेढ़ साल पहले खत्म हो चुकी है। इसके पहले 31 साल से पुराने पट्टे का नवीनीकरण नहीं कराया गया था। उससे भी बड़ी बात यह है कि जिस पुराने पट्टे का नवीनीकरण 1955 में होना चाहिए था, उसका नवीनीकरण 1985 में कैसे? उनका कहना है कि क्लब ने पट्टे से अधिक भूमि पर कब्जा ही नहीं किया है, पट्टे की शर्तों का उल्लंघन कर दो मंजिला बैंक्वेट हाल का निर्माण भी अवैध रूप से किया है। उनका कहना है कि आला अधिकारी नियम विरुद्ध हुए इस कब्जे को तत्काल हटवाएं।
विज्ञापन