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कोशिश नाकाम- मिर्जापुर

Sun, 21 Jul 2019 12:21 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 21 Jul 2019 12:21 AM IST
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priynka against system
चुनार (मिर्जापुर)। प्रियंका गांधी वाड्रा को शुक्रवार नरायनपुर तिराहे पर रोकने के बाद से शुरू हुआ हाई वोल्टेज ड्रामा शनिवार तक चला। शुक्रवार की रात लगभग 11 बजे डाक बंगले पर कमिश्नर वाराणसी, एडीजी वाराणसी जोन बृजभूषण व कमिश्नर मिर्जापुर आनंद कुमार और डीआईजी विंध्याचल परिक्षेत्र पीयूष श्रीवास्तव पहुंचे। यहां प्रियंका गांधी वाड्रा को मनाने की कोशिश की गई लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद सभी बाहर आ गए। कुछ देर बात फिर दोबारा बातचीत शुरू हुई।
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अधिकारी वापस जाने की बात करते रहे जबकि प्रियंका गांधी पीड़ित परिजनों से मुलाकात करके ही वापस जाने की बात पर अड़ी रहीं। शनिवार को सुबह से ही विभिन्न जिलों के कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ पीएन पुनिया, राष्ट्रीय प्रवक्ता पंखुडी, पाठक कांग्रेस विधान मंडल दल के नेता अजय सिंह लल्लू, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश पति त्रिपाठी, पूर्व कांग्रेस विधान मंडल दल के नेता प्रदीप माथुर, अमेठी के पूर्व एमएलसी दीपक सिंह, पूर्व सांसद वाराणसी राजेश मिश्रा, पूर्व सांसद आजमगढ के रमाकांत, पूर्व विधायक अजय राय, पूर्व विधायक भगौती चौधरी, पूर्व विधायक मड़िहान ललितेश पति त्रिपाठी डाक बंगले पर पहुंचे। इस दौरान महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं व युवाओं का सैलाब डाक बंगले के बाहर राष्ट्रीय नेता से मिलने के लिए खड़ा रहा और प्रियंका तुम संघर्ष करो हम तुम्हारे साथ है की नारेबाजी करते रहे। सुबह प्रियंका 10.15 बजे डाक बंगले के बाहर निकली और उन्होंने मौजूद लोगों का हाथ जोड़कर अभिवादन किया। तत्पश्चात वह समूह में बैठी महिलाओं और कार्यकर्ताओं से मिली। इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं से फिर कहा कि पीड़ितों से बिना मिले नहीं जाएंगी। उन्होंने कहा जेल जाने के लिए भी तैयार हूं। उसके बाद वह डाक बंगले में चली गईं।
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धक्का मुक्की के बीच मिली परिजनों से
चुनार (मिर्जापुर)। उम्भा कांड के पीड़ित परिजनों के दुर्ग में आने पर बाधाएं उत्पन्न की गईं। प्रियंका गांधी वाड्रा को जब जानकारी मिली तो वह डाक बंगले से निकलकर उनसे मिलने बाहर जाने लगी। इस बीच पुलिस के लोगों ने द्वार बंद कर दिया और बड़ी संख्या में पुलिस बल लगा दिया गया। प्रियंका गांधी समर्थकों के साथ प्रवेश द्वार की ओर बढ़ने लगी तो पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच जमकर धक्का मुक्की हुई। इसके बाद पुलिस प्रशासन 15 पीड़ित परिजनों को दो बार में प्रियंका के पास ले गया।
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