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25-25 लाख मुआवजा दिया जाए- मिर्जापुर
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पीड़ितों को 25-25 लाख मुआवजा दिया जाए
प्रियंका ने सरकार के सामने रखीं पांच मांगें
बोली, मैंने कोई अपराध नहीं किया तो मुचलका क्यों
अमर उजाला ब्यूरो
मिर्जापुर। सोनभद्र के उभ्भा गांव जाते समय मिर्जापुर सीमा से गिरफ्तार की गईं कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी से शनिवार को पीड़ित परिवारों से मुलाकात कराई गई। इसके बाद वह वापस होने के लिए तैयार हो गईं। निजी मुचलका भरने पर उन्होंने कहा कि जब उन्होंने कोई अपराध ही नहीं किया है तो जमानत लेने या मुचलका भरने का कोई सवाल ही नहीं है।
प्रियंका गांधी ने सोनभद्र की घटना के लिए प्रदेश सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए सरकार के सामने पांच मांगें रखी हैं। सोनभद्र के उभ्भा गांव के पीड़ितों के साथ मीडिया से मुखातिब प्रियंका गांधी ने सभी पीड़ितों को 25-25 लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग की। घटना में मरने वाले और घायलों दोनों को इतनी ही राशि देने की मांग की। कहा कि जो घटना के बाद जो मुकदमे दर्ज हुए हैं, उनकी सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में की जाए, जिससे जल्द निबटारा हो और दोषियों को सजा मिले। इस दौरान उन्होंने कहा कि जमीन का मालिकाना हक आदिवासी किसानों को मिले। उस जमीन पर सालों से आदिवासी खेती करते आ रहे हैं। अब उन्हें इसका मालिकाना हक दिया जाए। पीड़ित पक्ष के भी लोगों के खिलाफ जो मुकदमा दर्ज किया गया है उसे जल्द खत्म किया जाए। पत्रकारों के सवाल पर उन्होंने कहा कि जब उन्होंने कोई अपराध ही नहीं किया है तो जमानत लेने या मुचलका भरने का कोई सवाल ही नहीं है। पीड़ितों से मिलने की मांग पूरी हो गई है, अब वह यहां से जाने को तैयार हैं लेकिन निजी मुचलका भरने को कतई तैयार नहीं है। प्रशासन चाहे तो उन्हें किले में ही कुछ और दिन रोक सकता है। कहा कि कांग्रेस पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। पार्टी की ओर से भी आर्थिक मदद और विधिक सहायता के लिए मदद की जाएगी।
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मृतक आश्रितों को पार्टी फंड से 10-10 लाख
कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने सोनभद्र के उभ्भा गांव में सामूहिक हत्याकांड में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को पार्टी फंड से 10-10 लाख रुपये मदद करने की घोषणा की।
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पुलिस और प्रशासन की शह पर घटना
मिर्जापुर। सोनभद्र के उभ्भा गांव से 14 पीड़ितों को लेकर प्रियंका से मिलने आए रामराज ने कहा कि घटना के दिन और उसके पहले पुलिस और एसडीएम को सूचना दी गई थी कि जमीन को लेकर अनहोनी हो सकती है। कहा, पूरा सरकारी महकमा आरोपियों से मिला हुआ था। सरकार की शह पर यह घटना हुई है। रामराज ने कहा कि पूरा प्रशासन ग्राम प्रधान के दबाव में था। कहा कि प्रशासन और पुलिस की जांच पर उन्हें कोई भरोसा नहीं है। गांव की महिलाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। हमारे लोगों का ठीक से इलाज भी नहीं हो रहा है। रिश्तेदारों को हम लोगों के घर आने से भी रोका जा रहा है। कहा कि जो लोग हमारी मदद करना चाहते हैं, पुलिस उन्हें रोक रही है। जब हम लोगों को पता चला कि प्रियंका दीदी हमसे मिलने दिल्ली से आई हैं तो हम लोग खुद ही चुनार किले के लिए चल पड़े। यहां पहुंचने में भी पुलिस ने काफी परेशान किया।
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बिजली कटौती से रात भर जागती रहीं प्रियंका
चुनार। दुर्ग में स्थित डाक बंगले में सारी रात बिजली कटी रही। इसके चलते कांग्रेस राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को एसी के बजाय जनरेटर से चल रहे कूलर में ही रात गुजारनी पड़ी। प्रियंका गांधी वाड्रा के पर्सनल असिस्टेंट संदीप कुमार ने बताया बिजली की दुर्व्यवस्था के कारण प्रियंका गांधी देर रात तक जागती रहीं। भोर में लगभग 3.45 के बाद वह सोने गईं। इसके साथ ही एसपीजी के लिए मौजूद कमरे में पानी की दिक्कत होने के कारण वह शनिवार की सुबह समय से तैयार नहीं हो सकी। आरोप लगाया कि प्रशासन की ओर से जानबूझकर लापरवाही बरती गई है। राष्ट्रीय महासचिव ने देर शाम को ही मौके पर आये आला अधिकारियों से स्थिति स्पष्ट कर दी थी कि वह पीड़ित परिवार से मिलकर ही जाएंगी। उसके बाद भी बिजली और पानी की समुचित व्यवस्था नहीं की गई। यह भी बताया कि दुर्व्यवस्था पर राष्ट्रीय महासचिव ने नाराजगी जताई है।
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प्रियंका ने कार्यकर्ताओं का जताया आभार
चुनार। पीड़ित परिजनों से मिलने के बाद वाराणसी रवाना होने से पूर्व प्रियंका गांधी वाड्रा ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। कहा कि जिस उद्देश्य से सोनभद्र जा रही थीं, वह अब पूरा हो चुका है। कार्यकर्ताओं के बीच बात रखते हुए कहा कि राहुल गांधी जी ने जब मुझे राष्ट्रीय महासचिव का दायित्व सौंपा तो उन्होंने पूछा कि अब आगे आप क्या करेंगी तो मैने कहा कि संगठन की मजबूती के लिए जन-जन तक जाऊंगी, उसका विस्तार करूंगी। देश प्रदेश के गरीब, दलित, कमजोर लोग, जिनके साथ अन्याय हुआ है, उन्हें न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करूंगी। मेरे सोनभद्र जाने का मकसद था कि मैं सामूहिक हत्याकांड के पीड़ित परिवार से मिल सकूं और अन्याय के खिलाफ यह संघर्ष जारी रहे। कार्यकर्ताओं से कहा कि आप लोग भी अन्याय के खिलाफ संघर्ष करें। इस दौरान जिलाध्यक्ष गिरीश त्रिपाठी, दयाशंकर पांडेय पालिकाध्यक्ष मंसूर अहमद, नगर अध्यक्ष राजेंद्र सिंह, एसपी पाठक, डॉ. भावना सिंह, राजू यादव रहे।
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प्रियंका ने सरकार के सामने रखीं पांच मांगें
बोली, मैंने कोई अपराध नहीं किया तो मुचलका क्यों
अमर उजाला ब्यूरो
मिर्जापुर। सोनभद्र के उभ्भा गांव जाते समय मिर्जापुर सीमा से गिरफ्तार की गईं कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी से शनिवार को पीड़ित परिवारों से मुलाकात कराई गई। इसके बाद वह वापस होने के लिए तैयार हो गईं। निजी मुचलका भरने पर उन्होंने कहा कि जब उन्होंने कोई अपराध ही नहीं किया है तो जमानत लेने या मुचलका भरने का कोई सवाल ही नहीं है।
प्रियंका गांधी ने सोनभद्र की घटना के लिए प्रदेश सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए सरकार के सामने पांच मांगें रखी हैं। सोनभद्र के उभ्भा गांव के पीड़ितों के साथ मीडिया से मुखातिब प्रियंका गांधी ने सभी पीड़ितों को 25-25 लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग की। घटना में मरने वाले और घायलों दोनों को इतनी ही राशि देने की मांग की। कहा कि जो घटना के बाद जो मुकदमे दर्ज हुए हैं, उनकी सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में की जाए, जिससे जल्द निबटारा हो और दोषियों को सजा मिले। इस दौरान उन्होंने कहा कि जमीन का मालिकाना हक आदिवासी किसानों को मिले। उस जमीन पर सालों से आदिवासी खेती करते आ रहे हैं। अब उन्हें इसका मालिकाना हक दिया जाए। पीड़ित पक्ष के भी लोगों के खिलाफ जो मुकदमा दर्ज किया गया है उसे जल्द खत्म किया जाए। पत्रकारों के सवाल पर उन्होंने कहा कि जब उन्होंने कोई अपराध ही नहीं किया है तो जमानत लेने या मुचलका भरने का कोई सवाल ही नहीं है। पीड़ितों से मिलने की मांग पूरी हो गई है, अब वह यहां से जाने को तैयार हैं लेकिन निजी मुचलका भरने को कतई तैयार नहीं है। प्रशासन चाहे तो उन्हें किले में ही कुछ और दिन रोक सकता है। कहा कि कांग्रेस पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। पार्टी की ओर से भी आर्थिक मदद और विधिक सहायता के लिए मदद की जाएगी।
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मृतक आश्रितों को पार्टी फंड से 10-10 लाख
कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने सोनभद्र के उभ्भा गांव में सामूहिक हत्याकांड में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को पार्टी फंड से 10-10 लाख रुपये मदद करने की घोषणा की।
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पुलिस और प्रशासन की शह पर घटना
मिर्जापुर। सोनभद्र के उभ्भा गांव से 14 पीड़ितों को लेकर प्रियंका से मिलने आए रामराज ने कहा कि घटना के दिन और उसके पहले पुलिस और एसडीएम को सूचना दी गई थी कि जमीन को लेकर अनहोनी हो सकती है। कहा, पूरा सरकारी महकमा आरोपियों से मिला हुआ था। सरकार की शह पर यह घटना हुई है। रामराज ने कहा कि पूरा प्रशासन ग्राम प्रधान के दबाव में था। कहा कि प्रशासन और पुलिस की जांच पर उन्हें कोई भरोसा नहीं है। गांव की महिलाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। हमारे लोगों का ठीक से इलाज भी नहीं हो रहा है। रिश्तेदारों को हम लोगों के घर आने से भी रोका जा रहा है। कहा कि जो लोग हमारी मदद करना चाहते हैं, पुलिस उन्हें रोक रही है। जब हम लोगों को पता चला कि प्रियंका दीदी हमसे मिलने दिल्ली से आई हैं तो हम लोग खुद ही चुनार किले के लिए चल पड़े। यहां पहुंचने में भी पुलिस ने काफी परेशान किया।
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बिजली कटौती से रात भर जागती रहीं प्रियंका
चुनार। दुर्ग में स्थित डाक बंगले में सारी रात बिजली कटी रही। इसके चलते कांग्रेस राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को एसी के बजाय जनरेटर से चल रहे कूलर में ही रात गुजारनी पड़ी। प्रियंका गांधी वाड्रा के पर्सनल असिस्टेंट संदीप कुमार ने बताया बिजली की दुर्व्यवस्था के कारण प्रियंका गांधी देर रात तक जागती रहीं। भोर में लगभग 3.45 के बाद वह सोने गईं। इसके साथ ही एसपीजी के लिए मौजूद कमरे में पानी की दिक्कत होने के कारण वह शनिवार की सुबह समय से तैयार नहीं हो सकी। आरोप लगाया कि प्रशासन की ओर से जानबूझकर लापरवाही बरती गई है। राष्ट्रीय महासचिव ने देर शाम को ही मौके पर आये आला अधिकारियों से स्थिति स्पष्ट कर दी थी कि वह पीड़ित परिवार से मिलकर ही जाएंगी। उसके बाद भी बिजली और पानी की समुचित व्यवस्था नहीं की गई। यह भी बताया कि दुर्व्यवस्था पर राष्ट्रीय महासचिव ने नाराजगी जताई है।
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प्रियंका ने कार्यकर्ताओं का जताया आभार
चुनार। पीड़ित परिजनों से मिलने के बाद वाराणसी रवाना होने से पूर्व प्रियंका गांधी वाड्रा ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। कहा कि जिस उद्देश्य से सोनभद्र जा रही थीं, वह अब पूरा हो चुका है। कार्यकर्ताओं के बीच बात रखते हुए कहा कि राहुल गांधी जी ने जब मुझे राष्ट्रीय महासचिव का दायित्व सौंपा तो उन्होंने पूछा कि अब आगे आप क्या करेंगी तो मैने कहा कि संगठन की मजबूती के लिए जन-जन तक जाऊंगी, उसका विस्तार करूंगी। देश प्रदेश के गरीब, दलित, कमजोर लोग, जिनके साथ अन्याय हुआ है, उन्हें न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करूंगी। मेरे सोनभद्र जाने का मकसद था कि मैं सामूहिक हत्याकांड के पीड़ित परिवार से मिल सकूं और अन्याय के खिलाफ यह संघर्ष जारी रहे। कार्यकर्ताओं से कहा कि आप लोग भी अन्याय के खिलाफ संघर्ष करें। इस दौरान जिलाध्यक्ष गिरीश त्रिपाठी, दयाशंकर पांडेय पालिकाध्यक्ष मंसूर अहमद, नगर अध्यक्ष राजेंद्र सिंह, एसपी पाठक, डॉ. भावना सिंह, राजू यादव रहे।
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