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काशी में दूसरी बार फावड़ा चलाएंगे पीएम मोदी, स्वच्छता अभियान को बनाएंगे जनआंदोलन
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Fri, 22 Sep 2017 01:44 PM IST
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पहली बार अस्सी घाट से की थी स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत
- फोटो : file photo
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर काशी में फावड़ा चलाकर स्वच्छ भारत अभियान को आगे बढ़ाएंगे। इस बार उनका संदेश स्वच्छता अभियान को ‘स्वच्छता जनांदोलन’ का रूप देने के लिए होगा।
25 दिसंबर, 2014 को पीएम मोदी ने अस्सी घाट पर फावड़ा चलाकर स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत काशी से ही की थी। अब 23 सितंबर को ‘स्वच्छता ही सेवा’ के लिए वह शाहंशाहपुर की मुसहर बस्ती में फावड़ा चलाकर दो गड्ढों वाले शौचालय निर्माण की शुरुआत करेंगे।
काशी से देश-दुनिया को स्वच्छता का संदेश देने वाले प्रधानमंत्री के प्रयासों की बदौलत न सिर्फ शहर बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों तक इस अभियान का असर हुआ है। हालांकि निर्धारित लक्ष्य को हासिल करने के लिए बहुत कुछ किया जाना है।
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इसकी वजह, सरकारी विभागों की सुस्ती है तो वहीं जागरूकता की कमी से भी अभियान में दिक्कतें आ रही हैं। व्यापक जनजागरूकता के साथ प्रयासों में तेजी लाने के लिए केंद्र के साथ ही राज्य सरकार के स्तर पर भी कई कदम उठाए जा रहे हैं।
कार्यक्रम की तैयारियां जोर-शोर से हो रही हैं। उत्तर प्रदेश स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के निदेशक विजय किरन आनंद बुधवार को दिन भर शाहंशाहपुर में डटे रहे।
सीडीओ सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि शाहंशाहपुर में की जा रही तैयारियों में बारिश से थोड़ी दिक्कत आई है लेकिन उसे दुरुस्त करा लिया जाएगा। वाटर प्रूफ पंडाल में पशु आरोग्य मेले और प्रधानमंत्री द्वारा की जाने वाली गोसेवा की सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
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25 दिसंबर, 2014 को पीएम मोदी ने अस्सी घाट पर फावड़ा चलाकर स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत काशी से ही की थी। अब 23 सितंबर को ‘स्वच्छता ही सेवा’ के लिए वह शाहंशाहपुर की मुसहर बस्ती में फावड़ा चलाकर दो गड्ढों वाले शौचालय निर्माण की शुरुआत करेंगे।
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काशी से देश-दुनिया को स्वच्छता का संदेश देने वाले प्रधानमंत्री के प्रयासों की बदौलत न सिर्फ शहर बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों तक इस अभियान का असर हुआ है। हालांकि निर्धारित लक्ष्य को हासिल करने के लिए बहुत कुछ किया जाना है।
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इसकी वजह, सरकारी विभागों की सुस्ती है तो वहीं जागरूकता की कमी से भी अभियान में दिक्कतें आ रही हैं। व्यापक जनजागरूकता के साथ प्रयासों में तेजी लाने के लिए केंद्र के साथ ही राज्य सरकार के स्तर पर भी कई कदम उठाए जा रहे हैं।
कार्यक्रम की तैयारियां जोर-शोर से हो रही हैं। उत्तर प्रदेश स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के निदेशक विजय किरन आनंद बुधवार को दिन भर शाहंशाहपुर में डटे रहे।
सीडीओ सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि शाहंशाहपुर में की जा रही तैयारियों में बारिश से थोड़ी दिक्कत आई है लेकिन उसे दुरुस्त करा लिया जाएगा। वाटर प्रूफ पंडाल में पशु आरोग्य मेले और प्रधानमंत्री द्वारा की जाने वाली गोसेवा की सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
किसानों को शिविर लगाकर बांटे जाएंगे स्वीकृति प्रमाणपत्र
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जिन किसानों के दस हजार रुपये से कम ऋण माफ हुए हैं, उन्हें नहीं बुलाया जाएगा। उन्हें ऋण माफी की सूचना मोबाइल के जरिए दी जाएगी। दस हजार रुपये से अधिक ऋण माफी वाले किसानों को प्रधानमंत्री के कार्यक्रम बुलाया जाएगा।
इससे पहले उन्हें शिविर लगाकर स्वीकृति प्रमाणपत्र बांटे जाएंगे। मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार वर्मा ने बुधवार को किसान दुबरी मुसहर, अमरनाथ शर्मा और अशोक कुमार सिंह को स्वीकृति प्रमाण पत्र देकर इसकी शुरुआत की।
शाहंशाहपुर में प्रधानमंत्री किसानों को ऋणमाफी का प्रमाणपत्र देंगे। यहां पंडाल में तकरीबन 25 से 30 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था की जा रही है। यहां प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के 7000 और प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के 7500 लाभार्थियों को भी स्वीकृति प्रमाण पत्र दिया जाएगा।
इससे पहले उन्हें शिविर लगाकर स्वीकृति प्रमाणपत्र बांटे जाएंगे। मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार वर्मा ने बुधवार को किसान दुबरी मुसहर, अमरनाथ शर्मा और अशोक कुमार सिंह को स्वीकृति प्रमाण पत्र देकर इसकी शुरुआत की।
शाहंशाहपुर में प्रधानमंत्री किसानों को ऋणमाफी का प्रमाणपत्र देंगे। यहां पंडाल में तकरीबन 25 से 30 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था की जा रही है। यहां प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के 7000 और प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के 7500 लाभार्थियों को भी स्वीकृति प्रमाण पत्र दिया जाएगा।