फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Presentation of Bharatanatyam on devotional music was the center of attraction

आकर्षण का केंद्र रही भक्ति संगीत पर भरतनाट्यम की प्रस्तुति

Tue, 22 Nov 2022 07:30 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 22 Nov 2022 07:30 AM IST
विज्ञापन
Presentation of Bharatanatyam on devotional music was the center of attraction
काशी तमिल संगमम में सोमवार को बीएचयू के एंफीथिएटर मैदान में काशी और तमिल कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से शाम को यादगार बना दिया। कुल छह प्रस्तुतियां तीसरे दिन हुईं। शाम ढलते ही संस्कृति के सितारे चमके। श्री बाला गुरुनाथन के संचालन में भक्ति संगीत पर भरतनाट्यम की प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रही। इसमें कलाकारों ने भगवान गणपति, भगवान कृष्ण और प्रभु सुब्रमण्यम की स्तुति की।
विज्ञापन

आर सुधाकर की अगुवाई में आदिवासी नृत्य कोकालीकत्तल, बलवाद्यम एमीटर प्रस्तुत किया गया। पारंपरिक रूप से मरियम्मा, देवी के सम्मान में आयोजित एक उत्सव के दौरान इसकी प्रस्तुति होती है। कार्यक्रम की कड़ी में जी मणिकंदन की अगुवाई में पाम्बाई वाद्यम का आयोजन किया गया। टोडा दक्षिणी भारत की नीलगिरि पहाड़ियों की जनजाति हैं, जो मुख्य रूप से तमिलनाडु में केंद्रित हैं। नृत्य के दौरान उन्होंने नए साल में अच्छी बारिश, लोगों के स्वास्थ्य और समृद्धि और खेती के फलने-फूलने की प्रार्थना की प्रस्तुति की गई।
विज्ञापन

कलाकारों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुति कर सभी की तालियां बटोरी। कार्यक्रम की शुरुआत उदय प्रताप पब्लिक स्कूल की टीम ने डॉ. ममता शर्मा के निर्देशन में बनारसी लोकगीत में चैती से की। इसके बाद तमिलनाडु से आये एम. अलवास के निर्देशन में कलाकारों ने टोड़ा जनजातीय नृत्य व गायन की प्रस्तुति की। कार्यक्रम की समाप्ति आर गणेशन द्वारा तमिल लोक गीत के गायन के साथ हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन

तमिलनाडु के नाचीरकोइल लैंप की हो रही खूब बिक्री
काशी तमिल संगमम में बीएचयू एंफीथिएटर मैदान में लगी प्रदर्शनी में खूब खरीदारी हो रही है। तमिलनाडु का नाचीरकोइल दीपक जिसे अन्नाम लैंप भी कहा जाता है, इसकी खूब खरीद हो रही है। सोमवार तक 1 लाख 23 हजार रुपये के हैंडलूम की सामग्री और 1 लाख 35 हजार के हस्तशिल्प उत्पादों की बिक्री हुई। कोरई घास से बने सामान भी लोग पसंद कर रहे हैं। बुनकर सेवा केंद्र के उपनिदेशक संदीप ने बताया कि तमिलनाडु से आए हस्तशिल्पियों में काफी उत्साह है और उनके उत्पादों की अच्छी बिक्री भी हो रही है।
अस्सी घाट पर तमिल में दी जा रही गंगा आरती की जानकारी
अस्सी घाट पर गंगा आरती के दौरान तमिल भाषा में काशी की संस्कृति की जानकारी दी जा रही है। जय मां गंगा सेवा समिति के आशुतोष चतुर्वेदी ने बताया कि एक महीने तक हिंदी संस्कृत के अलावा तमिल में गंगा आरती की कमेंट्री की जाएगी।

संगम नगरी रवाना हुए तमिलनाडु के मेहमान
वाराणसी के बाद काशी तमिल संगमम के प्रतिनिधि सोमवार की सुबह प्रयागराज पहुंचे। यहां से 215 छात्रों का समूह सुबह साढ़े आठ बजे पुलिस की सुरक्षा पांच बसों से रवाना हो गए। वहां जाकर प्रयागराज प्रशासन को सौंपा गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed