{"_id":"6899a134f8799f7bc701e840","slug":"preparations-to-build-music-pathway-from-maldahia-square-to-fatman-road-in-varanasi-2025-08-11","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Varanasi: मलदहिया चौराहे से फातमान रोड तक संगीत पाथवे बनाने की तैयारी, एक पथ साहित्यकारों को भी होगा समर्पित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Varanasi: मलदहिया चौराहे से फातमान रोड तक संगीत पाथवे बनाने की तैयारी, एक पथ साहित्यकारों को भी होगा समर्पित
Mon, 11 Aug 2025 01:22 PM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Mon, 11 Aug 2025 01:22 PM IST
सार
Varanasi News: संगीत पाथवे के लिए स्थल का निरीक्षण हो चुका है। वीडीए के अधिकारियों के अनुसार इसे जल्द फाइनल किया जाएगा। इस मार्ग के बिजली और केबल के तारों को भूमिगत किया जाएगा।
विज्ञापन
Varanasi City
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सेंट्रल जेल रोड की तर्ज पर मलदहिया चौराहे से फातमान रोड तक संगीत पाथवे बनाया जाएगा। इसकी तैयारी वीडीए की ओर से की जा रही है। इसमें ढोलक, शहनाई, तबला, पखावज आदि वाद्य यंत्र लगाए जाएंगे। फातमान में शहनाई के जादूगर भारतरत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खान और उमराव जान की कब्र है। यहां हर साल खिराज-ए-अकीदत पेश की जाती है।
विज्ञापन
वीडीए के अधिकारियों ने बताया कि संगीत पाथवे के लिए स्थल का निरीक्षण पिछले दिनों हुआ था। इसे जल्द फाइनल किया जाएगा। इस मार्ग के बिजली और केबल के तारों को भूमिगत किया जाएगा। इस मार्ग के ट्रांसफॉर्मर को भी किनारे किया जाएगा।
विज्ञापन
इसके अलावा यहां कई सुंदरीकरण के कार्य कराए जाएंगे। राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल ने बताया कि फुलवरिया की तर्ज पर मलदहिया से फातमान तक संगीत पाथवे बनाया जाएगा। इसके लिए वीडीए के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है।
विज्ञापन
इसे भी पढ़ें; आत्मवीरेश्वर महादेव मंदिर अग्निकांड: फायर ब्रिगेड के पास गलियों की मैपिंग नहीं, दो घंटे में पूछते-पूछते पहुंचे
एक पथ साहित्यकारों को भी होगा समर्पित
काशी के बड़े साहित्यकारों में शामिल भारतेंदु हरिश्चंद्र, मुंशी प्रेमचंद, जयशंकर प्रसाद, गोस्वामी तुलसीदास आदि को समर्पित साहित्य पथ तैयार किया जाएगा। इसके लिए अभी स्थल फाइनल नहीं हुआ है। पिछले दिनों यूपी कॉलेज, मैदागिन, विश्वेश्वरगंज, टाउनहॉल, नागरी प्रचारिणी सभा आदि का निरीक्षण हो चुका है। यहां आंकर्षक लाइटिंग, संबंधित साहित्यकारों को ध्यान में रखकर निर्माण कराया जाएगा। उनके व्यक्तित्व और कृतित्व का उल्लेख होगा।