BHU: निलंबन के विरोध में 21 को काला दिवस मनाने की तैयारी, छात्रों ने समर्थन के लिए बांटे पर्चे
काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में छात्रों के एक गुट द्वारा 21 दिसंबर को काला दिवस मनाने की तैयारी है। इस बाबत सोमवार को काली पट्टी बांधकर छात्रों ने परिसर के विभागों, संकायों, संस्थानों में पहुंचकर विश्वविद्यालय प्रशासन के विरोध में पर्चे बांटे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) प्रशासन द्वारा पिछले दिनों छात्रों को निलंबित करने के आदेश को लेकर विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। परिसर में दो दिन पूर्व कुलपति के खिलाफ पोस्टर लगे थे। सोमवार को काली पट्टी बांधकर छात्रों ने परिसर के विभागों, संकायों, संस्थानों में पहुंचकर विश्वविद्यालय प्रशासन के विरोध में पर्चे बांटे। इसमें निलंबन, फीस वृद्धि, छात्र संघ बहाली, कैग रिपोर्ट की अवहेलना आदि मुद्दे पर 21 दिसंबर को काला दिवस मनाने की जानकारी दी है।
विश्वविद्यालय के संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय, संगीत एवं मंच कला संकाय, दृश्य कला संकाय सहित परिसर में अन्य जगहों पर घूम-घूम कर छात्रों ने पर्चे बांटे। समूह में घूमकर छात्र पर्चा बांटते रहे लेकिन इसकी भनक प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्यों और संकायों में मौजूद सुरक्षाकर्मियों को नहीं लगी।
पर्चा बांटने वाले छात्रों का नेतृत्व कर रहे मृत्युंजय तिवारी ने बताया कि फीस वृद्धि, छात्रसंघ बहाली सहित भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने पर ही विश्वविद्यालय प्रशासन ने निलंबन किया है, जो गलत है।
बीएचयू प्रशासन की ओर से जब तक निलंबन वापस लेने के साथ ही अन्य मांगें नहीं मान ली जाती है तब तक विरोध जारी रहेगा। इस दौरान प्रशांत श्रीवास्तव, सागर चौबे, विवेक सिंह, विशाल यादव, राकेश गुप्ता, अंकित पाल आदि लोग मौजूद रहे।