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Good Friday: चर्चों में हुई प्रार्थना, शिष्यों के पखारे गए पांव, गूंजा संदेश- कोई बड़ा या छोटा नहीं होता

Fri, 29 Mar 2024 01:04 PM IST
अमन विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Fri, 29 Mar 2024 01:04 PM IST
सार

Good Friday: मिस्र के राजा की गुलामी से यहूदी मुक्त हुए थे। इसके बाद प्रभु यीशु ने अपने 12 शिष्यों के पैर धोने के बाद भोज किया था और उनको गुरु मंत्र दिया था। उन्होंने संदेश दिया था कि कोई बड़ा छोटा नहीं होता है। गुरु भी शिष्य की सेवा करता है।

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Prayers in churches good friday Christians gave message no one is big or small
मसीहियों ने किया बाइबिल पाठ। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चालीसा (40 दिनों तक का उपवास) के अंतिम सप्ताह के पवित्र (मौंडी थर्सडे) को प्रभु यीशु की याद में सभी चर्चों में मसीहियों के पांव पखारे गए। कैंटोनमेंट स्थित महागिरजा में काशी धर्म प्रांत के बिशप फॉदर यूजीन जोसेफ ने 12 मसीहियों के पांव पखारे और उन्हें गुरु दीक्षा दी। इसके बाद प्रभु यीशु के बलिदान की याद में चर्चों की वेदियां वीरात हो गईं। क्रूस को बैंगनी रंग के कपड़े से ढंक दिया गया था। शुक्रवार को प्रभु यीशु को सूली पर चढ़ाए जाने का गम गुड फ्राइडे के रूप में मनाया जा रहा है।

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कैंटोनमेंट स्थित महागिरजा में बीती शाम को प्रार्थना के बाद मसीहियों ने बाइबिल पाठ किया। बिशप ने मौंडी थर्सडे की गाथा सुनाई। उन्होंने कहा कि आज ही के दिन मिस्र के राजा की गुलामी से यहूदी मुक्त हुए थे। इसके बाद प्रभु यीशु ने अपने 12 शिष्यों के पैर धोने के बाद भोज किया था और उनको गुरु मंत्र दिया था। उन्होंने संदेश दिया था कि कोई बड़ा छोटा नहीं होता है। गुरु भी शिष्य की सेवा करता है। इसके बाद बिशप ने मसीहियों के पैर धोने की रस्म निभाई ओर उन्हें उपहार दिया था। इसके बाद भोज की थाली में रोटी व दाखरस (अंगूर का रस) रखकर रातभर पुरोहितों ने आराधना की थी।
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लाल चर्च, तेलियाबाग, गिरजाघर, सिगरा सहित सभी चर्चों में ये परंपरा निभाई गई। गुड फ्राइडे पर दोपहर तीन बजे क्रूस की उपासना की जाएगी। मसीही उपवास रखेंगे। शनिवार को शाम छह बजे से दोबारा सजावट की जाएगी। रात में 10 से 2:30 बजे तक पूजा होगी। रविवार को ईस्टर पर प्रभु यीशु के पुनर्जीवित होने की खुशी मनाई जाएगी।

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