प्रतिकार यात्रा: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज, हो चुका है कुर्की का आदेश
प्रतिकार यात्रा के सात साल पुराने मामले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को कोर्ट से राहत नहीं मिली। एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश सियाराम चौरसिया ने शुक्रवार को अग्रिम जमानत की उनकी अर्जी खारिज कर दी।
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प्रतिकार यात्रा मामले में आरोपी स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद समेत अन्य 25 की मुश्किलें बढ़ गई हैं। शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश (एमपी/एमएलए) सियाराम चौरसिया की अदालत ने अविमुक्तेश्वरानंद की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी। अग्रिम जमानत अर्जी का विरोध एडीजीसी ज्योति शंकर उपाध्याय ने किया।
वहीं, इस मामले में आरोपी महंत बालक दास और संतोष दास उर्फ सतुआ बाबा की ओर से भी जिला जज की अदालत में दाखिल अंतरिम जमानत अर्जी को जिला जज ने खारिज कर दी। अग्रिम जमानत पर सुनवाई के लिए आठ नवंबर की तिथि नियत की है।
प्रतिकार यात्रा के दौरान हुआ था भारी बवाल
वर्ष 2015 में गणेश प्रतिमा के गंगा में विसर्जन नहीं करने के विरोध में निकाले गए प्रतिकार यात्रा के दौरान हुए बवाल में दशाश्वमेध थाने में कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। इसी मामले में बीते दिनों अदालत ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, महंत संतोष दास उर्फ सतुआ बाबा, महंत बालक दास सहित 25 लोगों को फरार घोषित किया था।
साथ ही, सभी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करते हुए उनकी संपत्ति के कुर्की का आदेश पुलिस को दिया था। अदालत ने कहा था कि इस मामले में पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई की रिपोर्ट एडीसीपी काशी जोन कोर्ट में पेश करेंगे। कोर्ट के सख्त रुख के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की ओर से अग्रिम जमानत के लिए कोर्ट में आवेदन पत्र दाखिल किया गया था।
अदालत ने क्यों खारिज की अग्रीम जमानत अर्जी