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आंदोलन की जमीन पर सियासत
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Wed, 30 Sep 2015 02:11 AM IST
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संतों पर लाठीचार्ज को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस जहां आंदोलन से जुड़कर विधानसभा चुनाव 2017 के लिए अपनी जमीन तैयार करने में जुट गई है वहीं भाजपा में इस बात की बौखलाहट है कि हिंदुत्व का झंडा बुलंद करने वाली पार्टी आंदोलन से जुड़ने में पिछड़ कैसे गई।
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कांग्रेस विधायक अजय राय उन लोगों में थे जो सबसे पहले घायल संतों की कुशलक्षेम जानने पहुंचे। अस्पताल से बाहर निकलते ही सपा और भाजपा पर निशाना साधा और लाठीचार्ज को मोदी-मुलायम की सियासी जुगलबंदी का नतीजा बताया। इस बयान का काट भाजपा आज तक खोज नहीं पाई है।
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डैमेज कंट्रोल के लिए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी काशी आए मगर घायल संतों से न मिलकर केवल पार्टी के लोगों से मिलकर चले गए। इससे कांग्रेस को भाजपा पर हमला करने का एक और मौका मिल गया।
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मंगलवार को कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी मधुसूदन मिस्त्री कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी का संदेश लेकर विद्या मठ पहुंचे और घायल संत अविमुक्तेश्वरानंद से बात की।
उनके साथ पंडित राजेशपति त्रिपाठी, विधायक अजय राय, जिलाध्यक्ष प्रजानाथ शर्मा, शहर अध्यक्ष सीताराम केसरी, प्रदेश उपाध्यक्ष दिग्विजय सिंह, सतीश चौबे, शैलेंद्र सिंह आदि थे। मालूम हो कि कांग्रेस पहले ही पांच अक्तूबर को प्रस्तावित संतों की ‘प्रतिकार पदयात्रा’ का समर्थन कर चुकी है।