UP: कफ सिरप में गरमाई सियासत...अजय राय ने अमित शाह को लिखा पत्र, कहा- शामिल लोगों पर की जाए कार्रवाई
Cough Syrup Case: कफ सिरप मामले में पुलिस प्रशासन की ओर से लगातार कार्रवाई की जा रही है। इस बीच, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है।
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Varanasi News: कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कफ सिरप मामले में गृह मंत्री अमित शाह को पत्र भेजकर उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मंत्री के संसदीय क्षेत्र में नशीले कफ सिरप के अवैध व्यापार, आपराधिक गतिविधियों, धमकी-भयादोहन तथा संगठित नाफिया तंत्र में संलिप्त अपराधी अमित सिंह उर्फ टाटा के विरुद्ध त्वरित उच्च-स्तरीय कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था, सार्वजनिक स्वास्थ्य, युवा सुरक्षा तथा न्याय-प्रदाय तंत्र से संबंधित एक अत्यंत गंभीर एवं संवेदनशील प्रकरण है। वाराणसी में संचालित संगठित अपराध एवं नशीले पदार्थों के अवैध व्यापार से जुड़ा है। वाराणसी के बर्थला कला, चौबेपुर निवासी राजा आनन्द ज्योति सिंह द्वारा पूर्व में की गई अपराधी प्रवृत्ति के व्यक्ति अमित सिंह उर्फ ''टाटा'' के विरुद्ध कई संगीन मामले दर्ज हैं।
सभी शिकायतों में यह आरोप स्पष्ट रूप से सूचित किया गया था कि आरोपी ने अपने आपराधिक प्रभाव एवं अवैध साधनों का प्रयोग कर बार काउंसिल सदस्यता प्राप्त की, जिसका विधिसम्मत निरस्तीकरण आवश्यक है। इसके अतिरिक्त अभी हाल में नशीले कफ सिरप के अवैध व्यापार एवं माफिया गठजोड़ के माध्यम से प्रदेश में, विशेषकर प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में अपराध के संचालन की जानकारी मिली है।
शासन-प्रशासन पर किया तंज
पुलिस अभिलेखों एवं स्थानीय जांच में यह तथ्य सामने आया है कि आरोपी अमित सिंह उर्फ टाटा उत्तर प्रदेश के कुख्यात अपराधियों की मिलीभगत से कोडीन युक्त कफ सिरप एवं अन्य नशीली औषधियों का व्यापार एक संगठित अवैध नेटवर्क के रूप में संचालित कर रहा था। यह अवैध व्यापार देश-विदेश के युवाओं में नशे की लत फैलाने का कारण बना।
यह सारी आपराधिक गतिविधियां प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में चलाई जा रही थीं, जिससे कानून-व्यवस्था व शासन-प्रशासन की विफलता के संकेत मिलते हैं। आश्चर्य है कि शिकायतकर्ता द्वारा वर्ष 2021 से 2023 तक विभिन्न संवैधानिक कानूनी संस्थाओं को भेजी शिकायतों पर कार्रवाई नहीं की गई। इसके अतिरिक्त नशीली दवाओं के अवैध व्यापार की सप्लाई चेन पर पर्याप्त निगरानी नहीं रखी गई। आरोपी लंबे समय तक स्थानीय प्रशासनिक व राजनीतिक संरक्षण में सक्रिय रहा। ऐसे में मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।