पांच माह बाद कब्र से निकाला शव: पुलिस ने महिला की लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, जानें पूरा मामला
पांच महीने पहले महिला की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। महिला के पिता ने हत्या का आरोप लगाया था। जिस मामले में पुलिस ने जांच के लिए शव को कब्र से निकाला है।
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वाराणसी में सोमवार को पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर एक विवाहिता की लाश को कब्रिस्तान से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जिसकी मौत पांच महीने पहले उपचार के दौरान हो गई थी। इस मामले को संदिग्ध मानते हुए मृतका के पिता ने दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए मुकदमा पंजीकृत कराया था। मामला बड़ागांव थाना क्षेत्र के कुड़ी गांव का है।
गंभीर आरोपों को संज्ञान में लेते हुए न्यायालय ने दफन मृतका की लाश का पोस्टमार्टम करने का आदेश दिया। इसी को लेकर तहसील मजिस्ट्रेट पिंडरा और पुलिस बल की मौजूदगी में कब्र की खुदाई कर मृत शरीर के अवशेष को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। इस घटना को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है।
जानकारी के अनुसार, वाराणसी के चौबेपुर थाना क्षेत्र के धरहरा गांव निवासी असगर अली (वर्तमान में गुजरात के सराय नगर मंडी बाजार निवासी) ने अपनी पुत्री रेशमा की शादी बड़ागांव थाना क्षेत्र के कुड़ी गांव निवासी वकील मंसुरी के पुत्र नादिर के साथ 17 नवंबर 2018 को की थी। विवाहिता के पिता का आरोप है कि पति सहित ससुराल पक्ष दहेज की मांग पूरी न होने पर प्रताड़ित करते थे। उन्होंने पुत्री की सास नजमा, जेठ राजु, जेठानी हिना, ननद तन्नु पर आरोप लगाया। आरोप है कि जिसे लेकर कई बार पर पंचायत भी हुई।
इस बीच ससुराल पक्ष के लोगों ने चिकित्सक से मिलकर रेशमा को उपचार के दौरान जहरीली दवा पिलाकर मार दिया। मृतका के पिता ने पुलिस अधीक्षक वाराणसी ग्रामीण को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई थी। उन्होंने आरोप लगाते हुए शव का पोस्टमार्टम कराकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस अधीक्षण ने इसका संज्ञान लेते हुए बड़ागांव पुलिस को मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था।
इसके संदर्भ में पुलिस ने 5 मई 2021 को आरोपियों के खिलाफ दहेज हत्या सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। इसके बाद पुलिस ने कब्र से लाश को निकाला।