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बनारस कोर्ट में अधिवक्ताओं व दरोगा में हाथापाई, दारोगा ने भाग कर बचाई अपनी जान
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Tue, 31 Oct 2017 10:51 AM IST
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चौकी प्रभारी को बचाकर ले जाते पुलिस कर्मी
- फोटो : अमर उजाला
कचहरी परिसर में सोमवार को एक अधिवक्ता पर दरोगा के पिस्टल तानने के आरोप में जबरदस्त हंगामा हुआ। तीन घंटे तक परिसर में अफरातफरी मची रही। अधिवक्ताओं से हाथापाई होने पर दरोगा भाग कर न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में उनकी कुर्सी के पीछे जा छिपे।
सूचना पाकर एसपी सिटी छह थानों की फोर्स और पीएसी के साथ कचहरी पहुंचे। उन्होंने दरोगा के निलंबन का आश्वासन देकर वकीलों को शांत कराया। साथ ही, सुरक्षा घेरे में दरोगा को कचहरी परिसर से बाहर ले जाया गया।
वहीं, जिस अधिवक्ता ने दरोगा पर पिस्टल तानने का आरोप लगाया था, उनका पता ही नहीं लग सका। भेलूपुर थाने की बजरडीहा पुलिस चौकी पर तैनात दरोगा उमरान खान सोमवार की अपराह्न दो बजे के लगभग एक छेड़खानी पीड़िता का बयान दर्ज कराने के संबंध में कचहरी पहुंचे थे।
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बताया जाता है कि न्यायिक मजिस्ट्रेट तृतीय की अदालत के सामने एक अधिवक्ता से किसी बात को लेकर दरोगा की कहासुनी होने लगी। कुछ ही देर में अधिवक्ता के साथी भी मौके पर आ गए।
अधिवक्ताओं ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने और जान से मारने की धमकी देते हुए पिस्टल तानने का आरोप लगाकर दरोगा से धक्कामुक्की शुरू कर दी। इसी बीच अचानक शुरू हुई हाथापाई से खुद को छुड़ाते हुए दरोगा न्यायिक मजिस्ट्रेट तृतीय की अदालत में जा छिपे।
इस दौरान छीनाझपटी में दरोगा की वर्दी भी फट गई थी। सूचना पाकर कैंट इंस्पेक्टर मौके पर पहुंच गए। वहीं, मजिस्ट्रेट कक्ष को घेर कर दरोगा के निलंबन और मुकदमा दर्ज करने की मांग करते हुए अधिवक्ता नारेबाजी कर रहे थे। अधिवक्ताओं के आक्रोश को देख इंस्पेक्टर ने उच्चाधिकारियों को सूचना दी।
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सूचना पाकर एसपी सिटी छह थानों की फोर्स और पीएसी के साथ कचहरी पहुंचे। उन्होंने दरोगा के निलंबन का आश्वासन देकर वकीलों को शांत कराया। साथ ही, सुरक्षा घेरे में दरोगा को कचहरी परिसर से बाहर ले जाया गया।
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वहीं, जिस अधिवक्ता ने दरोगा पर पिस्टल तानने का आरोप लगाया था, उनका पता ही नहीं लग सका। भेलूपुर थाने की बजरडीहा पुलिस चौकी पर तैनात दरोगा उमरान खान सोमवार की अपराह्न दो बजे के लगभग एक छेड़खानी पीड़िता का बयान दर्ज कराने के संबंध में कचहरी पहुंचे थे।
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बताया जाता है कि न्यायिक मजिस्ट्रेट तृतीय की अदालत के सामने एक अधिवक्ता से किसी बात को लेकर दरोगा की कहासुनी होने लगी। कुछ ही देर में अधिवक्ता के साथी भी मौके पर आ गए।
अधिवक्ताओं ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने और जान से मारने की धमकी देते हुए पिस्टल तानने का आरोप लगाकर दरोगा से धक्कामुक्की शुरू कर दी। इसी बीच अचानक शुरू हुई हाथापाई से खुद को छुड़ाते हुए दरोगा न्यायिक मजिस्ट्रेट तृतीय की अदालत में जा छिपे।
इस दौरान छीनाझपटी में दरोगा की वर्दी भी फट गई थी। सूचना पाकर कैंट इंस्पेक्टर मौके पर पहुंच गए। वहीं, मजिस्ट्रेट कक्ष को घेर कर दरोगा के निलंबन और मुकदमा दर्ज करने की मांग करते हुए अधिवक्ता नारेबाजी कर रहे थे। अधिवक्ताओं के आक्रोश को देख इंस्पेक्टर ने उच्चाधिकारियों को सूचना दी।
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तरह-तरह की चर्चाएं, सच किसी को पता नहीं
मौके पर पहुंची पीएसी
- फोटो : अमर उजाला
कुछ ही देर में पांच थानों की फोर्स के साथ एसपी सिटी पहुंच गए। उन्होंने उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर अधिवक्ताओं को शांत कराया। इसके बाद शाम पांच बजे दरोगा की फटी वर्दी उतरवा कर उन्हें सादे कपड़ों में पुलिस अपने सुरक्षा घेरे में बाहर ले गई।
एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि किस अधिवक्ता पर दरोगा ने पिस्टल तानी थी, इसका पता नहीं चल पाया है। हालांकि अधिवक्ताओं की शिकायत पर दरोगा को निलंबित कर दिया गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कचहरी परिसर में दरोगा और अधिवक्ता के बीच हुए विवाद को लेकर कईं तरह की बातें सामने आईं। कुछ अधिवक्ताओं का कहना था कि छठ पूजा के दिन दरोगा उमरान खान ने भेलूपुर के अस्सी में प्रतिबंधित क्षेत्र में वाहन के साथ जा रहे एक अधिवक्ता को रोक दिया था।
उन्हीं अधिवक्ता ने सोमवार को कचहरी में जब दरोगा उमरान को देखा तो इतना बड़ा विवाद खड़ा कर दिया। वहीं, कुछ अधिवक्ताओं का कहना था कि एक मामले में लेनदेन के विवाद पर यह बवाल हुआ।
उधर, दरोगा ने कचहरी से बाहर निकलते ही अपना मोबाइल बंद कर दिया और ना ही किसी से बात की। इस वजह से घटना के संबंध में उनसे बात नहीं हो सकी।