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Varanasi: एमपी के जेल में हुई दोस्ती, फिर करने लगे अफीम की तस्करी, वाराणसी कैंट स्टेशन से हुए गिरफ्तार
Fri, 21 Apr 2023 09:19 PM IST
किरन रौतेला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: किरन रौतेला
Updated Fri, 21 Apr 2023 09:19 PM IST
सार
वाराणसी कैंट स्टेशन से पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। दोनों के पास भारी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद हुआ है।
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गिरफ्तार।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
वाराणसी कैंट जीआरपी ने शुक्रवार सुबह साढ़े चार किलो अफीम के साथ दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया। अफीम को तरल रूप में बनाकर बोतल में रखा गया था। दोनों की पहचान मध्य प्रदेश के रतलाम के दिनेश चंद और राजस्थान के चुरू के केशर राम के रूप में हुई है। जीआरपी के अनुसार बरामद अफीम की कीमत लगभग पांच लाख रुपये है। पूछताछ में सामने आया कि दोनों तस्कर अफीम को वाराणसी से मध्य प्रदेश के रतलाम ले जाने की फिराक में थे।
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कैंट जीआरपी प्रभारी हेमंत सिंह ने बताया कि सुबह स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया और प्लेटफार्म पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा था। इस दौरान सूचना मिली कि टिकट घर के समीप दो संदिग्ध मौजूद हैं। दोनों की तलाशी ली गई तो उनके बैग से करीब साढ़े चार किलो अफीम तरल रूप में बोतल से बरामद हुई। जीआरपी की पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि उनकी दोस्ती मध्य प्रदेश के रतलाम जेल में करीब तीन साल पहले हुई थी। जेल से जमानत पर छूटने के बाद दोनों मादक पदार्थों की तस्करी करने लगे।
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यूपी और बिहार से अफीम जैसे मादक पदार्थ लेकर एमपी, राजस्थान और पंजाब तक पहुंचाते थे। उन्हें एक खेप पहुंचाने पर ठीक-ठाक रकम मिल जाती थी। इस बार अफीम को रतलाम पहुंचाना था। अफीम रतलाम पहुंचाने पर उन्हें आने-जाने के खर्च के अलावा 10-10 हजार रुपये मिलते। अफीम किसने दी और किसे देनी थी, वह नहीं बता सके। दोनों ने बताया कि उनके पास से बरामद की गई अफीम का इस्तेमाल नशे के अलावा दवा बनाने के लिए भी किया जाता है। गिरफ्तार करने वाली टीम में जीआरपी कैंट के एसआई गजबे आलम, रोशन त्रिपाठी, मनमोहन, मनोज और आरपीएफ के सतीश व राकेश शामिल थे।
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