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चंदौली में पुलिस मित्र युवक की हत्या, अधजला मिला शव, सात दिन पहले हुआ था अगवा

Wed, 24 Oct 2018 11:03 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी Updated Wed, 24 Oct 2018 11:03 PM IST
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police mitra youth murder in chandauli
मौत के बाद रखा शव
चंदौली जिले के कोतवाली क्षेत्र के चकिया-नौगढ़ मार्ग पर जलेबिया मोड़ के पास मंगलवार की देर शाम बरामद अधजले शव की पहचान पुलिस मित्र बबलू यादव (45) के रूप में की गई है। परिवार के लोगों ने कपड़े तथा चप्पल के आधार पर शिनाख्त की। पुलिस ने शव की पहचान सुनिश्चित करने के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला के विशेषज्ञों को बुलाया। 
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 क्षेत्र के पीतपुर गरला निवासी पुलिस मित्र बबलू यादव का 17 अक्तूबर को अपहरण कर लिया गया था। उसकी पत्नी की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने भभौरा गांव निवासी रामभजन यादव और उसके पुत्र जयकांत उर्फ लालू और एक अज्ञात पर कोतवाली में अपहरण का मुकदमा दर्ज किया है।
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घटना के बाद से लालू फरार है। फरारी के दौरान ही लालू यादव ने फेसबुक पर पोस्ट कर बबलू की हत्या के बारे में संकेत दिया था। पुलिस ने कोतवाली क्षेत्र के रघुनाथपुर गांव निवासी राम सिंहासन सिंह को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर मंगलवार की देर शाम बबलू यादव का शव जलेबिया मोड़ से बरामद कर लिया था। 
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बूढ़े पिता की आंखें पथरा गई

सीओ कुंवर प्रभात सिंह ने बताया कि कोई व्यक्ति मुंह पर गमछा बांधकर लालू यादव के साथ बबलू यादव को बुलाने उसके घर गया था। इस आधार पर पुलिस ने बबलू के करीबी मित्र राम सिंहासन सिंह को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया था। इधर,  शव बरामद होने के बाद उसके परिजनों पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा है। घर इकलौते कमाने वाले सदस्य की मौत ने बूढ़े पिता भईयालाल उर्फ ठल्लू यादव की आंखे पथरा गई है। वही पत्नी प्रभावती का रो-रोकर हाल  बेहाल है।

बबलू यादव के चार बच्चों में तीन बेटिया तथा एक बेटा है। बेटी गुड़िया, टुनटुन तथा पूनम एवं पुत्र बृजेश भी पिता की याद में आंसू बहा रहे हैं। बबलू की मां का पहले ही निधन हो चुका है। घर पर दिनभर शुभचिंतकों का आना जाना लगा रहा।  

तो क्या इस कारण हुई हत्या

पुलिस मित्र बबलू यादव की हत्या का मामला पशु तस्करों से जुड़ा बताया जा रहा है।  माना जा रहा है कि वह पशु तस्करों की मुखबीरी करता था। ऐसे में पुलिस बबलू की मौत को भी पशु तस्करी के धंधे के विवादों से जोड़कर देख रही है और मामले की छानबीन में जुटी है। पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह ने बबलू यादव हत्याकांड में फरार चल रहे मुख्य आरोपी जयकांत उर्फ लालू यादव की सूचना देने वाले को 20 हजार रुपये ईनाम की घोषणा की है।

 दरअसल बबलू की हत्या के पूर्व भी पशु तस्करी के धंधे के विवादों में अब तक सात लोगों की जान जा चुकी है। पशु तस्करी के धंधे में बबलू की हत्या के पूर्व नौगढ़ थाना क्षेत्र के औरवाटाड़ के जंगली इलाके में वर्ष 2005 में तीन लोगों की हत्या हो चुकी है। इसी थाना के कोइलरवा हनुमान मंदिर के वन क्षेत्र में वर्ष 2006 में मूसाखाड़ गांव निवासी मनोज यादव, उसके मामा सकलडीहा थाना क्षेत्र के बट्ठी गांव निवासी की भी हत्या की जा चुकी है। वहीं मूसाखाड़ गांव निवासी सकनु यादव की भी जहर देकर हत्या की गई थी।

      पुलिस के मुताबिक बबलू का अपहरण करने के बाद दोनों आरोपी तमंचे के बल पर उसे जलेबिया मोड़ ले गए। यहां बहस के दौरान लालू यादव उर्फ और रामसिंहासन सिंह ने बबलू की हत्या कर दी तथा शव को पेट्रोल डालकर जला दिया। लबे रोड हत्या की वारदात को लेकर चर्चा का बाजार गर्म है । 
 
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