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एलआईसी एजेंट सीमा की हत्या का खुलासा, आरोपी ही कर रहा था मुकदमे की पैरवी
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Wed, 23 Aug 2017 10:45 AM IST
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70 लाख की संपत्ति के लालच में वारदात को दिया था अंजाम
- फोटो : twitter
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11 माह पहले लंका के धर्मवीर नगर कॉलोनी में हुई एलआईसी एजेंट सीमा रानी (50) की हत्या का खुलासा पुलिस ने मंगलवार को किया। सीमा की हत्या उनकी मां राधा रानी के करीबी और किराएदार मनोज तिवारी उर्फ मनोज यादव (35) ने की थी।
पुलिस ने मंगलवार को वारदात का खुलासा कर मनोज को जेल भेज दिया। पुलिस के अनुसार सीमा की 70 लाख की संपत्ति के लालच में उनकी हत्या की गई। मनोज सीमा हत्याकांड की पैरवी भी कर रहा था लेकिन इसी बीच उसने विवेचक को मामला जल्द से जल्द खत्म करने के लिए रिश्वत की पेशकश की।
साथ ही, सीमा का मृत्यु प्रमाणपत्र पाने के प्रयास में जुटा तो उस पर शक गहराया। यह जानकारी एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह दी।
उन्होंने बताया कि प्रतापगढ़ के विनायका का रहने वाला मनोज शुकुलपुरा की गायत्री नगर कॉलोनी में राधा रानी का किरायेदार था। 17 अक्तूबर 2016 को सीमा रानी के घर में उनकी हत्या की सूचना पुलिस को मिली।
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लंका थानाध्यक्ष राजीव कुमार सिंह तफ्तीश में जुटे तो पता लगा कि अकेली रहने वाली राधा की सेवा कर उनका करीबी होता चला गया। मनोज को यह भी पता था कि राधा की बेटी सीमा पति और बेटे की मौत के बाद अकेले रहती हैं और उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है तो उनके घर राधा के साथ आने-जाने लगा।
राधा ने मनोज को कह रखा था कि वह उसे अपनी प्रापर्टी गिफ्ट कर देंगी और सीमा की संपत्ति की भी वही वारिस थीं। इसी लालच में मनोज अपना मोबाइल स्विच ऑफ कर 17 अक्तूबर को सीमा के घर पहुंचा और मारपीट कर उनका गला दबा दिया।
घटना को लूटपाट का रूप देने के लिए मनोज ने घर का सामान बिखेर दिया था और सीमा के दोनों हाथ पीछे कर बांध दिया था। मामला दर्ज होने के बाद वह राधा के साथ पैरवी में जुटा हुआ था।
बीते दो-तीन महीने से वह सीमा का मृत्यु प्रमाण प्राप्त कर उनकी संपत्ति राधा से अपने पक्ष में दान कराने के प्रयास में जुटा था मगर इससे पहले ही गिरफ्तार हो गया।
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पुलिस ने मंगलवार को वारदात का खुलासा कर मनोज को जेल भेज दिया। पुलिस के अनुसार सीमा की 70 लाख की संपत्ति के लालच में उनकी हत्या की गई। मनोज सीमा हत्याकांड की पैरवी भी कर रहा था लेकिन इसी बीच उसने विवेचक को मामला जल्द से जल्द खत्म करने के लिए रिश्वत की पेशकश की।
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साथ ही, सीमा का मृत्यु प्रमाणपत्र पाने के प्रयास में जुटा तो उस पर शक गहराया। यह जानकारी एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह दी।
उन्होंने बताया कि प्रतापगढ़ के विनायका का रहने वाला मनोज शुकुलपुरा की गायत्री नगर कॉलोनी में राधा रानी का किरायेदार था। 17 अक्तूबर 2016 को सीमा रानी के घर में उनकी हत्या की सूचना पुलिस को मिली।
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लंका थानाध्यक्ष राजीव कुमार सिंह तफ्तीश में जुटे तो पता लगा कि अकेली रहने वाली राधा की सेवा कर उनका करीबी होता चला गया। मनोज को यह भी पता था कि राधा की बेटी सीमा पति और बेटे की मौत के बाद अकेले रहती हैं और उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है तो उनके घर राधा के साथ आने-जाने लगा।
राधा ने मनोज को कह रखा था कि वह उसे अपनी प्रापर्टी गिफ्ट कर देंगी और सीमा की संपत्ति की भी वही वारिस थीं। इसी लालच में मनोज अपना मोबाइल स्विच ऑफ कर 17 अक्तूबर को सीमा के घर पहुंचा और मारपीट कर उनका गला दबा दिया।
घटना को लूटपाट का रूप देने के लिए मनोज ने घर का सामान बिखेर दिया था और सीमा के दोनों हाथ पीछे कर बांध दिया था। मामला दर्ज होने के बाद वह राधा के साथ पैरवी में जुटा हुआ था।
बीते दो-तीन महीने से वह सीमा का मृत्यु प्रमाण प्राप्त कर उनकी संपत्ति राधा से अपने पक्ष में दान कराने के प्रयास में जुटा था मगर इससे पहले ही गिरफ्तार हो गया।