चुनाव से पहले दलित बस्ती में उंगली पर स्याही लगाने के मामले में तीन पर केस, पूर्व प्रधान गिरफ्तार
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उत्तर प्रदेश के चंदौली में लोकसभा चुनाव से एक दिन पहले शनिवार की आधी रात को ताराजीवनपुर गांव की दलित बस्ती में उंगली पर स्याही लगाकर पैसा बांटने का मामला प्रकाश में आया था। तभी दलित बस्ती के लोगों ने इसका विरोध कर दिया और पुलिस को सूचना दे दी। इस मामले में मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद गांव के पूर्व प्रधान छोटू तिवारी को हिरासत में ले लिया और तीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।
दरअसल शनिवार की आधी रात को सूचना मिली कि ताराजीवनपुर की दलित बस्ती में स्याही लगाई जा रही है और पैसे बांटे जा रहे हैं। इसकी सूचना पर सपा-बसपा के नेता और पुलिस रात में पहुंच गई। कुछ लोग मौके से फरार हो गए। इस मामले में सकलडीहा विधायक प्रभु नारायण यादव और बसपा नेता मौके पर जाने के साथ ही अलीनगर थाने की पुलिस पहुंच गई। वहीं सपा-बसपा नेता कार्रवाई की मांग पर अड़ गए।
सकलडीहा विधायक ने आरोप लगाया कि अभी तक चुनाव जीतने के लिए वोटों की खरीद-फरोख्त और प्रलोभन दिए जाते थे, लेकिन अब लोकतंत्र में दलितों, अशिक्षितों और गरीबों के वोटों पर सेंधमारी की जा रही है। मतदान की पूर्व संध्या पर शनिवार की मध्य रात स्याही लगाने के दौरान मतदाता बगावत पर उतर आए।
विधायक ने आरोप लगाया कि पुलिस की संरक्षण में एक दल के नेता, विधायक और मंत्री दलित बस्तियों में पैसा बांट रहे हैं और अनपढ़ लोगों के हाथों पर स्याही लगाकर उनके वोटों पर सेंधमारी कर रहे हैं।
सीओ सदर त्रिपुरारी पांडेय ने बताया कि रुपये बांटने के आरोपी में पूर्व प्रधान को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। वहीं इस मामले में तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया गया है। साथ ही जिला निर्वाचन अधिकारी के निर्देश पर शिकायतकर्ताओं के वोट डलवा दिए गए हैं।