फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Poisonous liquor incident 28 people death case 16 accused individuals acquitted due to lack of evidence in var

जहरीली शराब कांड: 28 लोगों की मौत के मामले में 16 आरोप मुक्त, नहीं मिले कोई सुबूत; 16 साल पुराना है मामला

Tue, 16 Dec 2025 04:48 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: प्रगति चंद Updated Tue, 16 Dec 2025 04:48 PM IST
सार

Varanasi News: सोयेपुर जहरीली शराब कांड में 16 आरोपितों को आरोप मुक्त किया गया है। मामले में वर्ष 2010 में कैंट थाने में प्राथमिकी दर्ज हुई थी।

विज्ञापन
Poisonous liquor incident 28 people death case 16 accused individuals acquitted due to lack of evidence in var
देश में इस दिन लगेगी लोक अदालत, एक झटके में होगा ट्रैफिक चालान का निपटारा - फोटो : Adobe Stock

विस्तार

बहुचर्चित सोयेपुर जहरीली शराब कांड में विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) सुशील कुमार खरवार की अदालत ने साक्ष्य के अभाव में 16 आरोपितों को संदेह का लाभ देते हुए आरोप मुक्त कर दिया। इस कांड में जहरीली शराब पीने से 28 लोगों की मौत हो गई थी। 

विज्ञापन


दोषमुक्त होने वालों में बचाऊ उर्फ विजय राघवेंद्र उर्फ गबड़ू, सारिका गुप्ता, शिवभजन गुप्ता उर्फ बबलू, गोपाल राजभर उर्फ बिल्ली, राजकुमार , महेश जायसवाल, नवल चौहान, भोनू, अनिल पाण्डेय, संजय, विक्की उर्फ विकास अल्लू उर्फ बबलू जायसवाल, सुनील पाल चौहान, राहुल सिंह और राजेश प्रसाद गुप्ता हैं।
विज्ञापन


अभियोजन के अनुसार, वादी दिनेश राजभर ने 17 फरवरी 2010 को कैंट थाने में तहरीर दी थी। आरोप था कि 16 फरवरी 2010 को गांव में दाह संस्कार के बाद कई ग्रामीणों ने गोपाल, राजकुमार और महेश जायसवाल के यहां शराब पी। शराब नवल चौहान, भोनू जायसवाल और अंबू देवी के माध्यम से लाई गई थी। आरोप था कि शराब में विषैला पदार्थ मिलाया गया था। इसे पीने से रात में ही कई लोगों की मौत हो गई, जबकि अन्य की हालत गंभीर हो गई। बाद में जहरीली शराब पीने से 28 लोगों की मौत की पुष्टि हुई। 
विज्ञापन
विज्ञापन


घटना के बाद पुलिस ने गैर इरादतन हत्या और गैंगस्टर एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। अदालत ने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में असफल रहा। प्रस्तुत साक्ष्य ठोस, पर्याप्त और विश्वसनीय नहीं पाए गए। ऐसे में न्यायालय ने दोष सिद्धि के बजाय दोषमुक्ति को ही न्यायोचित माना। विचारण के दौरान जवाहर लाल जायसवाल, अंबू देवी, शम्भू सिंह और महेंद्र की मृत्यु हो जाने के कारण उनके खिलाफ कार्रवाई पहले ही समाप्त कर दी गई थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed