वाराणसी: सुब्रह्मण्य भारती के निवास स्थान को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की मांग, पीएम मोदी ने बीएचयू में चेयर लगाने की घोषणा की थी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंतरराष्ट्रीय काशी घाटवाक विश्वविद्यालय की ओर से हनुमान घाट पर तमिल के प्रख्यात कवि सुब्रह्मण्य भारती की स्मृति को जीवंत करने के लिए हिंदी व तमिल भाषा से जुड़े लोग जुटे। इस अवसर पर पहला सुब्रह्मण्य भारती युवा कविता सम्मान युवा कवि गोलेंद्र पटेल को दिया गया। इस अवसर पर उनके निवास स्थान को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की मांग की गई।
बुधवार को कार्यक्रम के दौरान प्रो. विजय नाथ मिश्र ने कहा कि हनुमान घाट के जिस भवन में सुब्रह्मण्य भारती रहे उसे राष्ट्रीय स्मारक घोषित किया जाए। अध्यक्षता करते हुए साहित्यकार प्रो. श्रीप्रकाश शुक्ल ने कहा कि राष्ट्रीय आंदोलन में सुब्रह्मण्य भारती का अप्रतिम योगदान रहा है।
बीएचयू के आचार्य डॉ. जगदीशन टी ने कहा वे हमेशा पूरे विश्व को अपना परिवार मानते थे। सुब्रह्मण्य भारती की नतिनी जयंती कृष्णन ने कहा कि वे महिला शिक्षा के बड़े पक्षधर रहे। कार्यक्रम के आरंभ में हनुमान घाट पर स्थित सुब्रह्मण्य भारती की प्रतिमा का माल्यार्पण किया गया। तत्पश्चात युवा कवि गोलेन्द्र पटेल को पहले सुब्रह्मण्य भारती युवा कविता सम्मान से सम्मानित किया गया। उन्हें प्रशस्ति पत्र, सम्मान राशि व अंगवस्त्रम भेंट किया गया।
पीएम मोदी ने बीएचयू में चेयर लगाने की घोषणा की थी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 सितंबर को सुब्रह्मण्य भारती की पुण्यतिथि पर कला संकाय में इस चेयर को स्थापित करने की घोषणा की। यहां तमिल भाषा, साहित्य, सांस्कृतिक अध्ययन को बढ़ावा देने के साथ ही शोध भी कराया जाएगा। कवि सुब्रह्मण्य भारती चेयर स्थापित करने की प्रधानमंत्री की घोषणा से बीएचयू के प्रभारी वीसी प्रो. वीके शुक्ला सहित शिक्षक, छात्र, अधिकारी कर्मचारी बहुत उत्साहित हैं