अमर उजाला इंपैक्ट: सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में डॉक्टरों की लेटलतीफी पर पीएमओ ने लिया संज्ञान
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सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में डॉक्टरों की लेटलतीफी पर अमर उजाला की खबर का पीएमओ ने संज्ञान लिया है। मामले में पीएमओ ने कमिश्नर से जवाब मांगा है। इधर पीएमओ के निर्देश पर कमिश्नर ने सीएमओ से इस मामले में कार्रवाई का ब्योरा तलब किया था। जिस पर अस्पतालों के चिकित्सकों को नोटिस जारी कर समय से आने की चेतावनी दी गई है।
जिला, मंडलीय और महिला अस्पताल में ओपीडी का समय 8 बजे से दो बजे तक है। तय समय पर मरीज तो अस्पताल पहुंच जाते हैं लेकिन डॉक्टर के न आने की वजह से उन्हें इंतजार करना पड़ता है। कुछ इस तरह के हालात स्वास्थ्य केंद्रों के भी है। इसमें शहरी स्वास्थ्य केंद्र की तुलना में ग्रामीण इलाकों के लिए भी जो समय स्वास्थ्य केंद्रों की ओपीडी का है, वहां भी लेटलतीफी की वजह से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
अमर उजाला ने दस दिसंबर के अंक में सुबह नौ बजे लेट नहीं, दोपहर एक बजे भेंट नहीं शीर्षक से खबर प्रकाशित किया था। इसके बाद सीएमओ डॉ. वीबी सिंह ने संबंधित अस्पताल के प्रभारियों से तो लेटलतीफी पर जवाब मांगा ही था अब पीएमओ ने भी इसका संज्ञान लेते हुए रिपोर्ट तलब की थी। सीएमओ ने बताया कि पीएमओ का हवाला देते हुए कमिश्नर ने जो जवाब मांगा था, वो दिया जा चुका है। इसमें संबंधित अस्पताल में कुछ चिकित्सकों को नोटिस जारी कर समय से आने की चेतावनी देने की जानकारी दी गई है।
अब दिखने लगा असर
पहले सीएमओ और फिर पीएमओ की ओर से लेटलतीफी पर सख्ती के बाद मंगलवार को अस्पताल में इसका असर दिखा। जहां मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा में ओपीडी में चिकित्सक तय समय पर बैठे वहीं महिला अस्पताल में भी ओपीडी के अलावा अल्ट्रासाउंड केंद्र भी समय से खुला रहा। इसके अलावा दीनदयाल अस्पताल में भी चिकित्सक अब समय से पहुंचने लगे हैं।