काशी विश्वनाथ कॉरिडोर में हादसा: पीएम मोदी ने जताया दुख, मंडलायुक्त को दिया हर संभव मदद का निर्देश
काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के लिए अधिग्रहित गोयनका छात्रावास का एक हिस्सा गिरने से मंगलवार तड़के दो मजदूरों की मौत हो गई थी। प्रधानमंत्री ने फोन कर घटना की जानकारी ली।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काशी विश्वनाथ कॉरिडोर परिसर में मंगलवार सुबह हुए हादसे पर गहरा दु:ख जताया है। उन्होंने मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल को फोन कर मामले की जानकारी ली और मृतकों के परिजनों को हर संभव मदद का निर्देश दिया। इसके साथ ही उन्होंने मृतकों के परिवारीजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना भी जताई है। उनके द्वारा यह भी कहा गया कि उनके कार्यालय से इस बारे में कोई भी मदद की आवश्यकता हो तो उसे भी उपलब्ध कराई जाएगी।
बता दें कि मंगलवार तड़के ललिता घाट के पास जर्जर दो मंजिला मकान गिर जाने से मलबे में दबकर बंगाल निवासी दो मजदूरों की मौत हो गई। जबकि हादसे में सात मजदूर घायल हो गए। एक अभी अस्पताल में भर्ती है जबकि बाकी छह लोगों को डिस्चार्ज कर दिया गया है। काशी विश्वनाथ मंदिर के सीईओ ने बयान जारी कर बताया कि इस हादसे के शिकार मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपए जबकि घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी।
जर्जर मकान का एक हिस्सा गिरा
मंगलवार तड़के हुए हादसे की सूचना पाकर जिले के पुलिस अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच जांच में जुट गए हैं। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के लिए ललिता घाट स्थित गोयनका छात्रावास का अधिग्रहण किया गया है। सोमवार की रात कार्यदायी संस्था के मजदूर गोयनका छात्रावास के जर्जर हिस्से के नीचे सोए हुए थे।
मंगलवार तड़के चार बजे के लगभग छात्रावास का जर्जर हिस्सा अचानक भरभरा कर गिरने से उसके मलबे के नीचे नौ मजदूर दब गए। चीख पुकार सुनकर घटनास्थल पर पहुंचे कॉरिडोर में तैनात पुलिसकर्मियों ने सभी को मलबे के नीचे से बाहर निकाला और कबीरचौरा स्थित मंडलीय अस्पताल पहुंचाया।
मजदूर अब्दुल जब्बार के पैर में चोट लगने के कारण उसे मंडलीय अस्पताल में भर्ती किया गया है। एसीपी दशाश्वमेध अवधेश कुमार पांडेय ने बताया कि हादसे में दो मजदूरों की मौत हो गई है। जिसका शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजा गया। हादसे में घायल अन्य सात मजदूरों की हालत ठीक है
मृतकों को पांच लाख, घायलों को 50 हजार का मुआवजा
इसी दौरान भवन का कुछ हिस्सा गिर गया। इसमें 8 मजदूर घायल हो गए। घायलों को कबीरचौरा स्थित मंडलीय चिकित्सालय में इलाज के लिए भेजा गया। इलाज के दौरान दो मजदूरों की मौत हो गई। मृतकों का पोस्टमार्टम कराकर उनके शवों को उनके घर भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
मृतकों के परिजनों को पांच लाख रुपए मुआवजा दिया गया है। इसमें तीन लाख रुपए कार्यदाई एजेंसी पीएसपी की ओर से और दो लाख रुपए मंदिर प्रशासन की ओर से प्रदान किए गए। घायल मजदूरों को 50 हजार की धनराशि दी गई है। इसमें 25 हजार पीएसपी और 25 हजार रुपए मंदिर प्रशासन की ओर से दिए गए हैं।