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चार माह धूल फांकती रही पीएम के ‘मन की बात’
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Thu, 29 Dec 2016 08:39 PM IST
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रेलवे के पार्सल में बंद पड़ी है प्रचार सामग्री, चार्ज डेढ़ लाख से ज्यादा
- फोटो : अमर उजाला
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वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन के पार्सल घर में पीएम मोदी के ‘मन की बात’ चार माह से धूल फांक रही है।
अब जब विधानसभा चुनाव नजदीक है तो भाजपा को इसकी याद आई है।
केंद्रीय योजनाओं से जुड़ी प्रचार सामग्री पार्सल घर से नहीं ले जाने पर चार्ज डेढ़ लाख रुपये से ज्यादा हो गया है।
गुरुवार को पार्सल छुड़ाने पहुंचे लोगों और पार्सल अधिकारियों के बीच शुल्क को लेकर किचकिच हुई तो मामला सामने आया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में इस लापरवाही का देश भर में चर्चा है।
दरअसल, गुजरात से जिगनेस पांडेय ने महीनों पहले वाराणसी के विजय पांडये के नाम से प्रचार सामग्रियों का पार्सल भेजा था। पार्सल में फाइबर के छोटे-छोटे होर्डिंग्स सैकड़ों की संख्या में थी। इनमें पीएम की तस्वीर के साथ बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, स्वच्छता, स्वदेशीकरण, मेक इन इंडिया सरीखे कई होर्डिंग हैं।
कई बोरों में रखे इन होर्डिंग्स को लेने के लिए कोई नहीं पहुंचा था। अब जब विधानसभा चुनाव में प्रचार की बात आई तो भाजपा को इसकी याद आई।
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अब जब विधानसभा चुनाव नजदीक है तो भाजपा को इसकी याद आई है।
केंद्रीय योजनाओं से जुड़ी प्रचार सामग्री पार्सल घर से नहीं ले जाने पर चार्ज डेढ़ लाख रुपये से ज्यादा हो गया है।
गुरुवार को पार्सल छुड़ाने पहुंचे लोगों और पार्सल अधिकारियों के बीच शुल्क को लेकर किचकिच हुई तो मामला सामने आया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में इस लापरवाही का देश भर में चर्चा है।
दरअसल, गुजरात से जिगनेस पांडेय ने महीनों पहले वाराणसी के विजय पांडये के नाम से प्रचार सामग्रियों का पार्सल भेजा था। पार्सल में फाइबर के छोटे-छोटे होर्डिंग्स सैकड़ों की संख्या में थी। इनमें पीएम की तस्वीर के साथ बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, स्वच्छता, स्वदेशीकरण, मेक इन इंडिया सरीखे कई होर्डिंग हैं।
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कई बोरों में रखे इन होर्डिंग्स को लेने के लिए कोई नहीं पहुंचा था। अब जब विधानसभा चुनाव में प्रचार की बात आई तो भाजपा को इसकी याद आई।