वाराणसी के दौरे पर सोमवार को आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन के दौरान मां अन्नपूर्णा की जिस मूर्ति के कनाडा से जल्द काशी आने की बात की कही। वो प्रतिमा 100 साल पहले अवैध तरीके से वहां गई थी। बीते 19 नवंबर को कनाडा के संग्रहालय में भारतीय कलाकार दिव्या मेहरा की नजर मूर्ति पर पड़ी तो उन्होंने इसका मामला उठाया।
पीएम मोदी ने मां अन्नपूर्णा की जिस मूर्ति के कनाडा से काशी आने की बात की, इस तरह हुई थी उसकी खोज
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कनाडा सरकार ने भारत के उच्चायुक्त को 19 नवंबर को मूर्ति सौंप दी थी। मूर्ति कनाडा की यूनिवर्सिटी ऑफ रेजिना में मिली है। मूर्ति के एक हाथ में खीर और दूसरे हाथ में अन्न मौजूद है। माना जा रहा है कि इस मूर्ति को अन्नपूर्णा मंदिर से चोरी कर पहुंचाया गया था। मूर्ति अब भारत लाई जा रही है।
मैकेंजी आर्ट गैलरी में रेजिना यूनिवर्सिटी के संग्रह से मिली मां अन्नपूर्णा की मूर्ति को अंतरिम राष्ट्रपति और विश्वविद्यालय के उप-कुलपति थॉमस चेस ने कनाडा में भारत के उच्चायुक्त अजय बिसारिया को एक वर्चुअल समारोह में 19 नवंबर को आधिकारिक रूप से इस मूर्ति की जानकारी दी। इस समारोह में मैकेंजी आर्ट गैलरी, ग्लोबल अफेयर्स कनाडा और कनाडा बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
भारतीय कलाकार दिव्या मेहरा ने गैलरी के स्थायी संग्रह में पाया कि इस मूर्ति की वसीयत 1936 में मैकेंजी ने करवाई थी और गैलरी के संग्रह में जोड़ा गया था। दिव्या ने मुद्दा उठाया और कहा कि यह अवैध रूप से कनाडा में लाई गई है।