तीसरी लहर से लड़ने की तैयारी: बीएचयू में 20 हजार लीटर क्षमता का लगेगा ऑक्सीजन प्लांट
बीएचयू अस्पताल में फिलहाल 30 हजार लीटर की क्षमता वाला ऑक्सीजन प्लांट लगा हुआ है। कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए बाल रोग विभाग में बच्चों के लिए पीआईसीयू और एनआईसीयू तैयार हो गया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए बीएचयू अस्पताल में तैयारियां तेज हो गई हैं। यहां बाल रोग विभाग में बच्चों के लिए पीआईसीयू और एनआईसीयू तैयार हो गया है। सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में भी 100 बेड का नया पीआईसीयू बनाया जा रहा है। अब यहां ऑक्सीजन की क्षमता भी बढ़ाई जा रही है। इसके लिए 20000 लीटर की क्षमता वाला नया ऑक्सीजन प्लांट लगाने का निर्णय लिया गया है। नया प्लांट लगने के बाद बीएचयू में ऑक्सीजन प्लांट की क्षमता 50000 लीटर हो जाएगी।
बीएचयू अस्पताल में पूर्वांचल ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों और बिहार-झारखंड तक के मरीज इलाज के लिए आते हैं। जिस तरह से तीसरी लहर में बच्चों के चपेट में आने की आशंका जताई जा रही है, उसको देखते हुए जिला प्रशासन बीएचयू को नोडल यूनिट मानकर तैयारी कर रहा है। इधर, बीएचयू अस्पताल प्रशासन ने भी तैयारियां शुरू कर दी है। फिलहाल इस समय 20 हजार लीटर का एक, 10 हजार लीटर का एक ऑक्सीजन प्लांट है। 20000 लीटर का प्लांट और लगाया जाएगा। इसके बाद क्षमता 50,000 हो जाएगी।
नहीं होगी ऑक्सीजन की कमी
बीएचयू अस्पताल में 20,000 लीटर ऑक्सीजन का प्लांट लगाने के बाद 100 बेड वाले एमसीएच विंग के साथ ही अन्य वार्डों में भी ऑक्सीजन सप्लाई दी जाएगी। इससे आने वाले दिनों में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं रहेगी। इसी प्लांट से क्षेत्रीय नेत्र संस्थान को भी आक्सीजन आपूर्ति की जाएगी।
जगह का चयन और कागजी कार्यवाही शुरू
बीएचयू अस्पताल में 20000 लीटर के नये आक्सीजन प्लांट के लिए अस्पताल प्रशासन ने जगह का चयन शुरू कर दिया है। कागजी कार्यवाही भी शुरू कर दी गई है। अस्पताल के एमएस प्रो.केके गुप्ता ने बताया कि औपचारिकता शुरू हो गई है। इसके जल्दी पूरी होने और नया प्लांट लगने की प्रक्रिया अगले महीने से शुरू हो सकती है।
बीएचयू अस्पताल के एमएस प्रो. केके गुप्ता ने बताया कि अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट लगाने के फैसले के बाद इस दिशा में काम शुरू हो गया है। इसके लिए लाइसेंस लेने सहित अन्य कार्रवाई भी चल रही है।