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डीआरडीओ अस्पताल में धरने पर बैठे आउटसोर्सिंग कर्मचारी
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बीएचयू स्थित पं. राजन मिश्र अस्थायी अस्पताल (डीआरडीओ) में कार्यरत आउटसोर्सिंग के कर्मचारी रविवार सुबह 5 बजे से कामकाज छोड़ धरने पर बैठ गए। अस्पताल के मेन गेट पर ही बैरिकेडिंग लगा दी गई है। कर्मचारियों का आरोप था कि निर्धारित मानदेय से कम ही मानदेय दिया जा रहा था। करीब छह घंटे बाद डीआरडीओ अधिकारियों के आश्वासन पर कर्मचारी माने और धरना समाप्त हुआ।
अस्पताल में 100 से ज्यादा आउटसोर्सिंग पर कर्मचारियों को भी लगाया गया है। कर्मचारी शिवकुमार ने बताया कि 17 हजार रुपये मानदेय की बात हुई, अब केवल 11 से 12 हजार देने की बात कही जा रही है। 30 दिन का काम कराने के बाद 26 दिन का मानदेय ही दिया जा रहा था। इसका विरोध करने पर कई कर्मचारियों को निकाल दिया गया। काफी प्रयास के बाद आउटसोर्सिंग एजेंसी के अधिकारी पहुंचे। एडीएम सिटी की मौजूदगी में हर दिन 430 रुपये देने का निर्णय हुआ। इसके बाद सुबह 11 बजे धरना समाप्त हुआ। इसके बाद कुछ कर्मचारी तो काम पर लौट आए जबकि कुछ ने 430 रुपये में काम न करने की बात कही और घर चले गए।
कर्मचारियों ने मानदेय संबंधी समस्याओं को लेकर धरना दिया था। मौके पर एडीएम सिटी ने उनसे बातचीत भी की। जो भी समस्याएं थीं आउटसोर्सिंग एजेंसी से जुड़े लोगों की मौजूदगी में बातचीत कर समाधान कराया गया। इसके बाद कर्मचारी मान गए।-ईशा दुहन, नोडल अधिकारी, डीआरडीओ अस्पताल
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अस्पताल में 100 से ज्यादा आउटसोर्सिंग पर कर्मचारियों को भी लगाया गया है। कर्मचारी शिवकुमार ने बताया कि 17 हजार रुपये मानदेय की बात हुई, अब केवल 11 से 12 हजार देने की बात कही जा रही है। 30 दिन का काम कराने के बाद 26 दिन का मानदेय ही दिया जा रहा था। इसका विरोध करने पर कई कर्मचारियों को निकाल दिया गया। काफी प्रयास के बाद आउटसोर्सिंग एजेंसी के अधिकारी पहुंचे। एडीएम सिटी की मौजूदगी में हर दिन 430 रुपये देने का निर्णय हुआ। इसके बाद सुबह 11 बजे धरना समाप्त हुआ। इसके बाद कुछ कर्मचारी तो काम पर लौट आए जबकि कुछ ने 430 रुपये में काम न करने की बात कही और घर चले गए।
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कर्मचारियों ने मानदेय संबंधी समस्याओं को लेकर धरना दिया था। मौके पर एडीएम सिटी ने उनसे बातचीत भी की। जो भी समस्याएं थीं आउटसोर्सिंग एजेंसी से जुड़े लोगों की मौजूदगी में बातचीत कर समाधान कराया गया। इसके बाद कर्मचारी मान गए।-ईशा दुहन, नोडल अधिकारी, डीआरडीओ अस्पताल
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