Varanasi News: ऑपरेशन थियेटर में सर्जरी खत्म होने के तुरंत बाद डॉक्टर की ही हो गई मौत, जानें- ऐसा क्या हुआ
वाराणसी में त्रिवेणी ट्रॉमा सेंटर के ऑपरेशन थियेटर में अचानक एक डॉक्टर की तबीयत बिगड़ी। जहां उनको प्राथमिक उपचार मिला, लेकिन उनकी मौत हो गई।
विस्तार
अर्दली बाजार स्थित त्रिवेणी ट्रॉमा सेंटर के ऑपरेशन थियेटर (ओटी) में मंगलवार की शाम डॉक्टर अभिषेक राय की तबीयत बिगड़ गई। प्राथमिक उपचार मिला, लेकिन उनकी मौत हो गई। मौत किस वजह से हुई, यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ होगा।
डॉक्टर के करीबियों के मुताबिक, कार्डियक अरेस्ट से मौत की आशंका है। वैसे डॉक्टर राय पिछले तीन दिन से तेज बुखार, सांस फूलने की समस्या से ग्रसित थे। डॉ. अभिषेक ही ट्रॉमा सेंटर के संचालक थे। डॉ. अभिषेक इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की वाराणसी इकाई के सदस्य होने के साथ ही समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता भी थे। अर्दली बाजार स्थित ट्रॉमा सेंटर में मंगलवार की शाम जैसे ही मौत की सूचना मिली, वैसे ही हर कोई हतप्रभ रह गया।
डॉक्टर अभिषेक को जानने वाले लोगों के अनुसार, आठ दिसंबर को आईएमए की नई कार्यकारिणी गठित हुई थी। डॉ. अभिषेक भी मतदान करने आए थे। उस समय भी उन्होंने बुखार, छाती में दर्द के साथ ही सांस लेने में दिक्कत बताई थी। कहा था कि अपना उपचार करवा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, डॉ. अभिषेक मंगलवार को ट्रॉमा सेंटर में एक मरीज का ऑपरेशन कर रहे थे। ऑपरेशन खत्म ही हुआ था कि उनकी तबीयत बिगड़ गई। वहां मौजूद उनके सहयोगियों ने उन्हें पास में बिठाया। डॉक्टर ने जरूरी दवाइयां भी लीं। बताया जा रहा है कि इसी दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
आईएमए के पूर्व पदाधिकारी बोले- अच्छा साथी खो दिया
आर्थोपेडिक सर्जन डॉ. अभिषेक राय की मौत पर आईएमए के पूर्व पदाधिकारियों और सदस्यों ने दुख जताया। आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ. अरविंद सिंह, डॉ. संजय राय ने कहा कि इस घटना की जानकारी मिलने के बाद से ही मन व्यथित है। हमने होनहार चिकित्सक और बेहतरीन साथी खो दिया।
आईएमए के पूर्व सचिव डॉ. आरएन सिंह के साथ ही डॉ. कर्मराज सिंह, डॉ. अतुल सिंह आदि ने भी डॉ. अभिषेक की मौत पर दुख व्यक्त किया है। इसके साथ जिला अस्पताल के सीनियर फिजीशियन डॉ. पीके सिंह ने भी उन्हें याद किया। देर रात सपा नेताओं के साथ ही शहर के डॉक्टरों ने उनके घर पर शोक संवेदनाएं जताईं। चिकित्सकों ने बताया कि वह बेहद ही मिलनसार थे। कार्यक्रमों में वह हमेशा बढ़-चढ़कर भाग लेते थे।