किसान परेशान, शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर मुसलमानों को मारी जा रही गोली तो कैसे मनाएं होली : रामगोविंद
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उत्तर प्रदेश की विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी इस बार होली नहीं मनाएंगे। उन्होंने यह फैसला बाढ़, बारिश और ओलावृष्टि से फसलों की बर्बादी के बाद अब तक किसानों को मुआवजा न मिलने और नागरिकता संशोधन कानून(कानून) के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शनों में 25 मुसलमानों की मौत के कारण लिया है।
समाजवादी पार्टी (सपा) के मीडिया प्रभारी सुशील कुमार पांडेय कान्हजी के माध्यम से जारी बयान में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इस बार बलिया जिले में घाघरा और गंगा में आई बाढ़ से किसानों की फसल जलमग्न हो गई। ऊपर से बारिश ने फसलों को पूरी तरह से चौपट कर दिया।
इस संवेदनहीन सरकार ने किसानों की कोई मदद नहीं की। यही नहीं किसानों ने किसी तरह रबी की बुआई की तो उस पर भी बारिश का कहर हुआ। यानी इस वर्ष किसानों की दोनों मुख्य फसलें बर्बाद हो गईं और गरीबों के मकान गिर गए। इसके बावजूद सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंगी।
किसानों के दर्द को अनसुना कर दिया गया। एक धेला भी मुआवजे के नाम पर किसानों को नहीं दिया गया। ऐसे में प्रदेश व जिले के किसान दुखी हैं तो मैं कैसे होली की खुशी मनाऊंगा। मैं भी किसान का बेटा हूं, मेरा भी मन दुखी है। जबकि होली हर्ष और उल्लास का पर्व है। सरकार के तानाशाही रवैये के कारण किसानों की खुशी छिन गई है।
चौधरी ने कहा कि किसान तो किसान समाज का कोई तबका इस सरकार से खुश नहीं है। अभी सीएए के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शनों के दौरान सरकार ने गोली चलवाकर 25 मुसलमानों को मौत के घाट उतार दिया। जब हमारे समाज का एक बड़ा धड़ा पीड़ा में है, ऐसे में होली मनाना उचित नहीं लगता। मैं सरकार से मांग करता हूं कि खरीफ और रबी दोनों फसलों का मुआवजा देकर सरकार किसानों के दुख-दर्द को कम करने का प्रयास करे।