ऑपरेशन त्रिशूल: नशे के सौदागरों और असलहा कारोबारियों पर कसेगा शिकंजा, मोबाइल और व्हाट्सएप नंबर जारी; सख्ती
नशे के सौदागरों और अवैध असलहा कारोबारियों के खिलाफ पुलिस ने ऑपरेशन त्रिशूल शुरू किया है। ‘नजर आपकी, कार्रवाई हमारी’ अभियान के तहत पुलिस ने मोबाइल और व्हाट्सएप नंबर जारी किया है। लोग फोटो, वीडियो और लोकेशन भेजकर शिकायत कर सकेंगे। सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। पुलिस ने लोगों से अवैध गतिविधियों की जानकारी साझा करने की अपील की है।
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आजमगढ़ जिले में नशे के अवैध कारोबार और अवैध असलहों की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने ऑपरेशन त्रिशूल शुरू किया है। इसके तहत सामुदायिक आसूचना तंत्र विकसित किया गया है। ‘नजर आपकी, कार्रवाई हमारी’ के नारे के साथ पुलिस ने आमजन से नशे के सौदागरों, ड्रग पैडलरों, अवैध हथियारों के कारोबारियों और अवैध शराब के धंधे में शामिल लोगों की सूचना देने की अपील की है। इसके लिए विशेष मोबाइल और व्हाट्सएप नंबर 9151828820 जारी किया गया है।
पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में शुरू किए गए इस अभियान का उद्देश्य आमजन की सहभागिता से अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखना है। पुलिस के अनुसार, अब लोग अपने आसपास मादक पदार्थों की बिक्री, तस्करी और अवैध भंडारण की जानकारी दे सकेंगे। इसके अलावा अवैध असलहों के निर्माण, बिक्री और तस्करी तथा अवैध शराब के निर्माण और बिक्री से जुड़ी सूचनाएं भी साझा कर सकते हैं।
पुलिस ने सूचना देने के लिए मोबाइल और व्हाट्सएप नंबर 9151828820 जारी किया है। इस पर फोन कॉल, व्हाट्सएप संदेश, फोटो, वीडियो और लोकेशन भेजकर अवैध गतिविधियों की जानकारी दी जा सकती है। प्राप्त सूचनाओं की जांच के लिए विशेष टीम गठित की गई है। पुलिस का कहना है कि प्रत्येक सूचना को गंभीरता से लेते हुए जांच कर नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।
सूचनाकर्ता की पहचान रखी जाएगी गोपनीय
आजमगढ़। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम, मोबाइल नंबर और अन्य व्यक्तिगत पहचान संबंधी विवरण पूरी तरह गोपनीय रखे जाएंगे। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि जिले को नशे और अवैध हथियारों के कारोबार से मुक्त बनाने में सहयोग करें। पुलिस के मुताबिक, आम नागरिकों की एक छोटी सी सूचना भी अपराधियों तक पहुंचने और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।