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स्कूल खुले, शिक्षक-विद्यार्थी नदारद
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sun, 03 Jul 2016 01:55 AM IST
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स्कूल खुले, शिक्षक-विद्यार्थी नदारद
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करीब डेढ़ महीने के ग्रीष्मावकाश के बाद शनिवार को परिषदीय विद्यालयों के ताले तो खुल गए लेकिन शिक्षकों और विद्यार्थियों की संख्या न के बराबर रही। कई विद्यालयों में सन्नाटा पसरा रहा। उधर, नए सत्र में पढ़ाई का जायजा लेने निकले बीएसए हरिकेश यादव ने चिरईगांव में चार विद्यालयों का निरीक्षण किया। यहां लापरवाही में तीन प्रधानाध्यापक को प्रतिकूल प्रवृष्टि और गैरहाजिर रहने पर एक सहायक अध्यापिका को निलंबित कर दिया।
परिषदीय एवं माध्यमिक विद्यालयों में नया शिक्षण सत्र एक जुलाई को अवकाश पड़ने की वजह से शनिवार से शुरू हुआ। विद्यालय तो समय से खुले लेकिन शिक्षकाओं और छात्र-छात्राओं की संख्या कम रही। प्राथमिक कन्या विद्यालय शंकुलधारा में मात्र 10-12 बच्चे ही नजर आए तो दुर्गाकुंड में बच्चे शिक्षक का इंतजार करते रहे।
वहीं, बीएसए हरिकेश यादव ने चिरईगांव ब्लॉक के विद्यालयों का निरीक्षण किया। बताया कि प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालय कोटवां, प्राथमिक विद्यालय सलारपुर, सराय मोहाना में लापरवाही देखने को मिली। विद्यालयों में न तो पाठ्य योजना के तहत पढ़ाई हो रही थी और न ही डीएम की ओर से संचालित शिक्षा गृह योजना का पालन किया जा रहा था। मामले में दोनों विद्यालयों के प्रधानाध्यापक को प्रतिकूल प्रवृष्टि जारी की गई।
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बताया कि सलारपुर में शिक्षक पढ़ाने के बजाय गपशप करते मिले। स्कूल में 440 में से महज 18 बच्चे ही आए थे। इतना ही नहीं, यहां की सहायक अध्यापिका सुशीला श्रीवास्तव अवकाश पर थीं लेकिन जो प्रार्थना पत्र मिला उस पर कोई तारीख नहीं थी। इस पर सहायक अध्यापिका को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही चारों विद्यालयों के शिक्षकों और खंड शिक्षा अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
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परिषदीय एवं माध्यमिक विद्यालयों में नया शिक्षण सत्र एक जुलाई को अवकाश पड़ने की वजह से शनिवार से शुरू हुआ। विद्यालय तो समय से खुले लेकिन शिक्षकाओं और छात्र-छात्राओं की संख्या कम रही। प्राथमिक कन्या विद्यालय शंकुलधारा में मात्र 10-12 बच्चे ही नजर आए तो दुर्गाकुंड में बच्चे शिक्षक का इंतजार करते रहे।
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वहीं, बीएसए हरिकेश यादव ने चिरईगांव ब्लॉक के विद्यालयों का निरीक्षण किया। बताया कि प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालय कोटवां, प्राथमिक विद्यालय सलारपुर, सराय मोहाना में लापरवाही देखने को मिली। विद्यालयों में न तो पाठ्य योजना के तहत पढ़ाई हो रही थी और न ही डीएम की ओर से संचालित शिक्षा गृह योजना का पालन किया जा रहा था। मामले में दोनों विद्यालयों के प्रधानाध्यापक को प्रतिकूल प्रवृष्टि जारी की गई।
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बताया कि सलारपुर में शिक्षक पढ़ाने के बजाय गपशप करते मिले। स्कूल में 440 में से महज 18 बच्चे ही आए थे। इतना ही नहीं, यहां की सहायक अध्यापिका सुशीला श्रीवास्तव अवकाश पर थीं लेकिन जो प्रार्थना पत्र मिला उस पर कोई तारीख नहीं थी। इस पर सहायक अध्यापिका को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही चारों विद्यालयों के शिक्षकों और खंड शिक्षा अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा गया है।