काशी वासियों को अभी और रुलाएगा प्याज, मिस्र देशों से नहीं पहुंच सका प्याज
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अभी और प्याज रूलाने वाला है। मिस्र देशों से आयातित प्याज मंडियों में पहुंचा नहीं और तुर्की ने निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया। यह सुनकर आढ़तियों के होश उड़े ही थे कि महाराष्ट्र के नासिक सहित अन्य इलाकों में पिछले दो दिनों से हो रही बारिश से प्याज की खोदाई ठप हो गई है।
बृहस्पतिवार को मात्र एक गाड़ी प्याज की खेप पहुंची तो 10 रुपये बढ़े हुए भाव से आढ़तियों ने खरीदा। वहीं केंद्र सरकार ने साउथ अफ्रीका से आयातित प्याज को लेकर करार किया है लेकिन अभी तक मंडियों में प्याज नहीं पहुंच सका है। दावा किया गया था कि 25 दिसंबर से मंडियों में प्याज की खेप पहुंच जाएगी।
आढ़तियों के अनुसार वर्तमान स्थिति प्याज के लिए अनुकूल नहीं है। नासिक में बारिश से आवक पर संकट है तो वहीं प्रयागराज से आने वाला प्याज भी अब दो चार दिन में बंद हो जाएगा। पहड़िया मंडी के प्रमुख आढ़ती राहुल जायसवाल ने बताया कि तुर्की ने निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया और साउथ अफ्रीका से भी आने वाला प्याज अब तक मंडी में नहीं पहुंचा।
उधर, महाराष्ट्र के नासिक सहित आसपास इलाकों में हो रही बारिश से प्याज की आवक ठप हो गई है। नासिक के व्यापारी आसपास इलाकों में ही प्याज बेच दे रहे हैं। पहड़िया मंडी में नासिक का प्याज 70 से 80 रुपये प्रति किलो और प्रयागराज का प्याज 60-75 रुपये किलो में बिका।
प्रमुख आढ़ती सुरेश सिंह ने बताया कि खंडवा और जलगांव से अब तक प्याज की खेप पहड़िया मंडी में नहीं पहुंच सकी है। 15 दिसंबर के बाद से ही जलगांव का प्याज पहड़िया मंडी में पहुंच जाता था। इस बार हो रही देरी का असर है कि प्याज के भाव पर नियंत्रण नहीं लग पा रहा है। विदेशों से आयातित प्याज जब तक मंडी में नहीं पहुंचेगी, तब तक दाम में उछाल लगातार बना रहेगा।