{"_id":"654a26ffdb303e23850a9113","slug":"on-dhanteras-the-three-hundred-year-old-statue-of-lord-dhanvantari-will-be-seen-the-only-ashtadhatu-statue-2023-11-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Varanasi: धनतेरस पर होंगे भगवान धनवंतरी की तीन सौ साल पुरानी प्रतिमा के दर्शन, देश की एकमात्र अष्टधातु मूर्ति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Varanasi: धनतेरस पर होंगे भगवान धनवंतरी की तीन सौ साल पुरानी प्रतिमा के दर्शन, देश की एकमात्र अष्टधातु मूर्ति
Tue, 07 Nov 2023 05:31 PM IST
किरन रौतेला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: किरन रौतेला
Updated Tue, 07 Nov 2023 05:31 PM IST
सार
धनतेरस के दिन भगवान धन्वंतरि के दर्शन मात्र से वर्ष भर निरोग एवं व्याधिमुक्त रह सकते हैं। इसलिए इस दिन शाम से देर रात तक दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ होती है।
विज्ञापन
धनतेरस पर होंगे भगवान धनवंतरी की तीन सौ साल पुरानी प्रतिमा के दर्शन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
धनतेरस के दिन होगा भगवान धन्वंतरि का सार्वजनिक दर्शन होगा। धन्वंतरि भगवान की भारत की एकमात्र अष्टधातु की मूर्ति सुड़िया बुलानाला स्थित में बैद्यराज स्व. शिव कुमार शास्त्री के धन्वंतरि निवास में विराजमान है। भगवान धन्वंतरि की ये दुर्लभ मूर्ति लगभग 300 साल पुरानी है।
विज्ञापन
ऐसी मान्यता है कि धनतेरस के दिन भगवान धन्वंतरि के दर्शन मात्र से वर्ष भर निरोग एवं व्याधिमुक्त रह सकते हैं। इसलिए इस दिन शाम से देर रात तक दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ होती है। ऐसी मान्यता है कि धनतेरस के दिन भगवान धन्वंतरि के दर्शन मात्र से वर्ष भर निरोग एवं व्याधिमुक्त रह सकते हैं। इसलिए इस दिन शाम से देर रात तक दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ होती है।
विज्ञापन
धन्वंतरि निवास में स्थापित मूर्ति भगवान धन्वंतरि के दर्शन वर्ष में सिर्फ एक दिन ही होता है। जिसके दर्शन के लिए देश विदेश के श्रद्धालु निरोग रहने हेतु आते हैं। वैद्यराज के पुत्र रामकुमार शास्त्री नन्द कुमार शास्त्री एवं समीर कुमार शास्त्री नें बताया कि सदा की भांति इस वर्ष भी इस वर्ष भी श्री धन्वंतरि पूजनोत्सव विक्रम संवत 2080 कार्तिक कृष्ण 13 शुक्रवार धनतेरस के दिन 10 नवंबर को सायंकाल 5 बजे से रात्रि 10 बजे तक ही भगवान के सार्वजनिक दर्शन हेतु मंदिर का पट खुलेगा।
विज्ञापन