कभी थे सहयोगी अब भाजपा पर संविधान नहीं मानने वाली पार्टी का लगाया आरोप
राज्य सरकार में सहयोगी रहे पूर्व कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने शनिवार को भाजपा पर फिर निशाना साधा। सर्किट हाउस में प्रेस वार्ता में राजभर ने प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़ा किए। उन्होंने साफ कहा कि भाजपा संविधान न मानने वाली पार्टी है। पूरे देश में पिछड़ा, अल्पसंख्यक और दलितों को नजर अंदाज किया जा रहा है। सूबे की सरकार ने बजट में भी उपेक्षा की है।
पूर्व मंत्री ने कहा यह सरकार स्वास्थ्य, शिक्षा, लोकनिर्माण के बजट से कटौती करके धर्म पर खर्च कर रहे है। यह कभी गंगा यात्रा निकालते हैं, तो कभी स्टेशन का नाम बदलकर उस पर खर्च करते हैं। आज तक रोजगार देने में यह फेल साबित हुए हैं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बनने से पहले हिंदू-मुस्लिम करके लड़ाते थे। पूरा प्रदेश भ्रष्टाचार में लिप्त है, थानों पर लूट मची है। अपराधी हर रोज बेखौफ घटना को अंजाम दे रहे है। कानून व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। राममंदिर ट्रस्ट में पिछड़ों की अनदेखी क्यों की गई? जब भगवान राम सबरी का झूठा फल खा सकते हैं तो दलित, पिछड़ा और अल्पसंख्यक क्यों नहीं भगवान की सेवा कर सकता।
पीएम कहते है मैं देश नहीं बिकने दूंगा, मगर सरकार ने रेलवे, एयरपोर्ट, एयरलाइंस और अब एलआईसी बेचने की तैयारी कर ली है। यह सरकार पिछड़े और अल्पसंख्यक लोगों के आरक्षण को खत्म करने की योजना बना रही है। इसके खिलाफ अल्पसंख्यक, दलित और पिछड़ा वर्ग 23 फरवरी को भारत बंद का आव्हान करने जा रही है जिसमे हमारी पार्टी तन-मन-धन से सहयोग करेगी।