होम क्वारंटीन किए गए अधेड़ की मौत, कोरोना संक्रमण के डर से शव के पास नहीं जा रहे परिजन
आजमगढ़ जिले के निजामाबाद थाना क्षेत्र के मक्खनपट्टी गांव निवासी अधेड़ की शुक्रवार की देर रात मौत हो गई। वह तीन दिन पहले कोलकाता से पुत्र के साथ लौटा था। स्वास्थ्य महकमें ने मोहम्मदपुर पीएचसी पर जांच के बाद पिता-पुत्र को होम क्वारंटीन करा दिया था।
अधेड़ की मौत के बाद जहां कोरोना वायरस को लेकर परिजन व ग्रामीण भयभीत है तो वहीं एसडीएम शव को अंतिम संस्कार कराने का दबाव परिवार पर बना रहे हैं।
मृतक रोजी रोटी के लिए कोलकाता में बेटे के साथ रहता था। लॉकडाउन के चलते जब काम-धंधा बंद हो गया तो वह पुत्र को लेकर वापस लौट आया। तीन दिन पहले उन्होंने पीएचसी मोहम्मदपुर पर पहुंच कर जांच कराई। जांच में कोई लक्षण न मिलने पर दोनों को घर भेज कर होम क्वारंटीन करा दिया गया।
शुक्रवार की रात अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। पहले उल्टी हुई और फिर सीने में तेज दर्द हुआ। जब तक परिवार के लोग कुछ समझते और डॉक्टर आदि का इंतजाम करते तब तक उसकी मौत हो गई। कोलकाता से लौट कर आने के बाद होम क्वारंटीन किए गए अधेड़ की मौत के बाद से ही परिवार के साथ ही गांव के लोगों में भी दहशत व्याप्त हो गया है।
अधेड़ की मौत के कई घंटे हो चुके हैं लेकिन शव के पास परिवार का कोई सदस्य नहीं जा रहा है। सूचना प्रशासनिक अधिकारियों को भी दे दी गई है लेकिन घंटों बाद तक कोई मौके पर नहीं पहुंचा। वहीं एसडीएम अरविंद कुमार का कहना है कि मृतक की जांच कोलकाता और वापस आने पर पीएचसी मोहम्मदपुर पर हुई थी। उसमें कोरोना के कोई लक्षण नहीं थे।
ऐसे में परिवार को उसका अंतिम संस्कार कर देना चाहिए, जबकि परिवार व गांव के लोग कोरोना संक्रमण की आशंका में सहमें हुए हैं और कोई शव के पास तक नहीं जा रहा है। मृतक छह पुत्रों का पिता बताया गया है।