फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Objection filed against application of archaeological survey of Gyanvapi campus varanasi

वाराणसी: ज्ञानवापी परिसर के पुरातात्विक सर्वेक्षण के आवेदन के विरोध में आपत्ति दाखिल

Tue, 21 Jan 2020 07:21 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Tue, 21 Jan 2020 07:21 PM IST
विज्ञापन
Objection filed against application of archaeological survey of Gyanvapi campus varanasi
काशी विश्वनाथ मंदिर। - फोटो : अमर उजाला।

ज्ञानवापी परिसर के पुरातात्विक सर्वेक्षण कराए जाने संबंधी वाद मित्र के आवेदन पर अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी की ओर से मंगलवार को सिविल जज सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक कोर्ट की अदालत में आपत्ति दाखिल की गई। अदालत ने इस पर सुनवाई के लिए तीन फरवरी की तिथि नियत की है।

विज्ञापन


प्रतिवादी अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी की ओर से दाखिल आपत्ति में कहा गया कि यह मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है और स्थगन आदेश अभी भी प्रभावी है। उच्चतम न्यायालय में दाखिल रिट याचिका में 22 जुलाई 2019 को पारित आदेश में कहा गया है कि उच्च न्यायालय में लंबित रिट याचिका के आदेश के परिप्रेक्ष्य में उपरोक्त मुकदमे की कार्यवाही स्थगित किया जाना आवश्यक है।
विज्ञापन


ऐसे में इस स्थिति में मुकदमे को स्थगित रखा जाना आवश्यक और न्यायसंगत है। इस आधार पर मुकदमे की सुनवाई स्थगित रखने का अदालत से अनुरोध किया गया। साथ ही, यह भी कहा गया कि वाद मित्र द्वारा दाखिल आवेदन पोषणीय नही है और खारिज होने योग्य है। इसके अलावा, प्रतिवादी पक्ष के अधिवक्ता की तबीयत खराब रहने के कारण मोहम्मद तौहिद खान को अधिवक्ता नियुक्त किए जाने की जानकारी अदालत को दी गई।

विज्ञापन
विज्ञापन

क्या है मामला
एनशिएंट आइडल स्वयंभू लार्ड विश्वेश्वर व अन्य के पक्षकार पंडित सोमनाथ व्यास और अन्य ने ज्ञानवापी में नए मंदिर के निर्माण और हिंदुओं के पूजापाठ आदि के अधिकार को लेकर वर्ष 1991 में मुकदमा दायर किया था। उनकी ओर से कहा गया था कि ज्ञानवापी मस्जिद ज्योतिर्लिंग विश्वेश्वर मंदिर का एक अंश है।

पंडित सोमनाथ की मृत्यु के बाद बीते साल दिसंबर में अधिवक्ता विजय शंकर रस्तोगी ने वादमित्र के तौर पर अदालत में आवेदन दिया। अधिवक्ता की दलील है कि देश की आजादी के दिन ज्ञानवापी परिसर का धार्मिक स्वरूप मंदिर का था। उन्होंने अदालत से संपूर्ण ज्ञानवापी परिसर का पुरातात्विक सर्वेक्षण रडार तकनीक से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) से कराने की मांग की थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed