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अब 100वें बसंत पर आ रहे हैं राष्ट्रपति

Mon, 09 May 2016 01:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी Updated Mon, 09 May 2016 01:37 AM IST
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Now spring is coming at the 100th President
बीएचयू
काशी हिंदू विश्वविद्यालय के शताब्दी वर्ष में जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीएचयू दीक्षांत समारोह में शिरकत कर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई, वहीं राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी भी विश्वविद्यालय के शताब्दी वर्ष के साक्षी बन रहे हैं। बतौर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी 12 मई को दूसरी बार बीएचयू आ रहे हैं। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के संस्थापक महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की 150वीं जन्मशती समारोह के समापन अवसर पर 25 दिसंबर 2012 को विशेष दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया था। उस वक्त राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने इसमें शिरकत की थी। स्वतंत्रता भवन में उनका डेढ़ घंटे का कार्यक्रम हुआ था। उस वक्त उन्होंने महामना की वेबसाइट का लोकार्पण और महामना हेरिटेज कॉम्प्लेक्स की आधारशिला रखी थी। मालवीय जी की स्मृति में 150 और पांच रुपये के सिक्के भी जारी किए थे। उधर, राष्ट्रपति आगमन के मद्देनजर विश्वविद्यालय के कोने कोने को सजाने संवारने का काम चल रहा है। स्वतंत्रता भवन जहां राष्ट्रपति का कार्यक्रम होना है, उसका रंग रोगन कर कर दिया गया है।
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राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के आगमन से पहले काशी विश्वनाथ मंदिर से लेकर दशाश्वमेध घाट तक पूजा-अभिषेक की तैयारियों को मूर्त रूप देने का काम तेजकर दिया गया है। मंदिर परिसर को सजाया-संवारा जा रहा है। जबकि घाट पर मंच और सीढ़ियों के निर्माण की प्रक्रिया को अफसर मूर्त रूप देने में जुटे हैं। रविवार को प्रभारी सीईओ एमपी सिंह ने मंदिर में चल रही तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कर्मचारियों को सफाई व्यवस्था चौकस रखने के साथ ही परिसर की दीवारों को समय रहते रंग-रोगन कर लेने की हिदायत दी। 13 मई की सुबह 11 अर्चक वैदिक मंत्रोच्चार के साथ राष्ट्रपति के हाथों बाबा का रुद्राभिषेक कराएंगे। काशी आगमन के दौरान राष्ट्रपति 13 मई की सुबह गंगा के उत्पत्ति दिवस पर दशाश्वमेध घाट पर दुग्धाभिषेक और आरती करेंगे। इसके बाद वह बाबा काशी विश्वनाथ का दर्शन करने जाएंगे। लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं के साथ पुलिस और खुफिया विभाग के अफसरों ने दशाश्वमेध घाट पर राष्ट्रपति के लिए बनने वाले मंच और सीढ़ियों की रूपरेखा पर मंथन किया। कुल तीन मंच बनाए जाएंगे। एक पर राष्ट्रपति के साथ राज्यपाल रामनाईक, बिहार के सीएम नीतिश कुमार समेत सात लोग होंगे। इसके अलावा दो अन्य मंचों पर विशिष्ट जनों के बैठने की व्यवस्था रहेगी। सीढ़ियों को प्लाईवुड से छह-छह इंच में तब्दील किया जाएगा, ताकि राष्ट्रपति को घाट तक पहुंचने में किसी तरह की असुविधा न होने पाए। उत्पत्ति दिवस पर अनुष्ठान कराने वाली सर्वोदय सेवा समिति के संरक्षक विश्वनाथ मंदिर के अर्चक डॉ. श्रीकांत मिश्र और उपाध्यक्ष अजय शर्मा ने अफसरों के साथ तैयारी पर चर्चा की।
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रविवार को स्वतंत्रता भवन में आठ नए एसी लगाए गए हैं। इसके अलावा मंच पर नई कालीन बिछाने से लेकर परदे बदलने और हर कोने को सजाने का काम भी तेज कर दिया गया है। भवन के कॉरिडोर में विश्वविद्यालय की विकास यात्रा और उसकी भविष्य की योजनाओं को दर्शाती प्रदर्शनी लगाने की भी तैयारी की जा रही है।  
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