फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   now police will check school motar in satae

...अब स्कूल वाहनों की पुलिस करेगी जांच

Fri, 20 Jan 2017 07:54 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी Updated Fri, 20 Jan 2017 07:54 PM IST
विज्ञापन
now police will check school motar in satae
बिना फिटनेस के ही दौड़ रही हैं स्कूल बस - फोटो : अमर उजाला
एटा जिले में हुए सड़क हादसे के बाद अपर पुलिस महानिदेशक कानून व व्यवस्था दलजीत सिंह चौधरी ने गुरुवार को समस्त वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक व पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजा है।
विज्ञापन

पत्र में सरकारी व प्राइवेट स्कूलों के वाहनों की सात बिंदुओं पर जांच करने का आदेश दिया गया है। अपर पुलिस महानिदेशक के निर्देशानुसार आदेश है कि वाहन चालक कामर्शियल डीएल धारक है या नहीं।
विज्ञापन

इसके अलावा वाहन के समस्त प्रपत्र जैसे आरसी, बीमा, प्रदूषण आदि की जांच की जाए। वहीं वाहन फिटनेस प्रमाणित पत्र की जांच की जाए। इसके अलावा ओवर स्पीडिंग, ओवर लोडिंग करने वाले वाहनों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि सीएनजी व एलपीजी वाले वाहनों का प्रमाणित संस्था से जारी फिटिंग प्रमाण पत्र तथा स्राव संबंधी जांच की नो लीकेज सर्टिफिकेट की जांच की जाए।
स्कूल वाहनों की जांच स्कूल परिसर के बाहर परिवहन विभाग के अधिकारियों के साथ संयुक्त रूप से की जाए। जिससे स्कूल संचालकों के मनमानी ओवर लोडिंग तथा बच्चों की सुरक्षा की जा सकें।
इधर, एटा में स्कूली वाहन के दुर्घटनाग्रस्त मामले को लेकर पूरे प्रदेश बर जिला प्रशासन भी हरकत में आ गया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर परिवहन विभाग ने शुक्रवार की सुबह ही जिले के विभिन्न इलाकों में स्कूली वाहनों के खिलाफ अभियान चलाया गया।
इस दौरान कई वाहनों को सीज कर दिया गया तो वहीं सैंकड़ों वाहनों का चालान काट दिया गया। वाराणसी में 46 वाहन का चालान हुआ जबकि 12 वाहनों को सीज कर दिया गया। 

नन्हीं जान पर यहां भी खतरे का साया

now police will check school motar in satae
गली-मोहल्लों में चल रहे स्कूलों के वाहनों की हालत ज्यादा खराब - फोटो : अमर उजाला
एटा में हुए दर्दनाक हादसे में 12 स्कूली बच्चों की मौत हो गई। वजह वही, नियम और कानून की अनदेखी। स्कूल बस और ट्रक के बीच टक्कर से हुए इस हादसे में ये भी पता चला कि स्कूल बस का फिटनेस पेपर भी नहीं था।
बगैर फिटनेस के यहां भी कई स्कूल वाहन धड़ल्ले से चल रहे हैं। न तो स्कूल प्रबंधन को इसकी फिक्र है न ही प्रशासन को। वाराणसी में वर्तमान समय में करीब 30 स्कूलों के 400 स्कूली वाहन फिट नहीं हैं।
बगैर फिटनेस पेपर के ये वाहन शहर भर में स्कूली बच्चों को लेकर फर्राटा भर रहे हैं। ऐसे स्कूल प्रबंधन, जिनकी अपनी बसें हैं वो तो बेहतर हालत में हैं लेकिन तमाम स्कूल प्रबंधनों ने किराये पर वाहनों की व्यवस्था की है।
किराये के इन वाहनों की हालत खराब है। इन वाहनों में स्कूली बसें तो कम हैं लेकिन मैजिक, टेंपो, ऑटो, मारुति वैन, टैंपो ट्रैक्स, सुमो जैसे वाहनों की भरमार है। वाहन की फिटनेस सही न होने के साथ ही ओवरलोडिंग भी एक बड़ी समस्या है।
फिटनेस और ओवरलोडिंग का ख्याल  न तो स्कूल प्रबंधन रखते हैं न ही वाहन मालिक।
खासकर गली-मोहल्ले में संचालित स्कूलों के वाहनों पर न तो स्कूल का नाम लिखा होता है और न ही ड्राइवर का नाम व नंबर।  फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र की तो बात ही बेमानी है।  
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed