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Varanasi: काशी विद्यापीठ में अब मुफ्त में टहलकर सेहत बना सकेंगे लोग, शुल्क लगाने का फैसला वापस
Thu, 08 Jun 2023 06:38 PM IST
उत्पल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: उत्पल कांत
Updated Thu, 08 Jun 2023 06:38 PM IST
सार
सुरक्षा के लिहाज से महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ परिसर में योग और सुबह-शाम की सैर पर शुल्क लगाने का फैसला वापस ले लिया गया है। हालांकि टहलने वालों को परिचय पत्र बनवाने की अनिवार्यता लागू रहेगी। इसके लिए उन्हें 100 रुपये अदा करने होंगे।
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महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
वाराणसी स्थित महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ परिसर में अब सुबह-शाम टहलने वालों को मासिक शुल्क नहीं देना होगा। जनता के विरोध को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन को अपना निर्णय वापस लेना पड़ा। दो दिन बाद ही विश्वविद्यालय प्रशासन ने 500 रुपये मासिक शुल्क लगाने का फैसला वापस ले लिया।
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हालांकि टहलने वालों को परिचय पत्र बनवाने की अनिवार्यता लागू रहेगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देकर सुबह-शाम परिसर में टहलने के लिए 500 रुपये मासिक शुल्क और 250 रुपये शुल्क फोटोयुक्त पहचान पत्र बनवाने के लिए लगाया था।
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इस फैसले का निर्देश छह जून को जारी किया गया था। अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया। जनप्रतिनिधियों के साथ ही काशी की जनता ने भी 500 रुपये मासिक शुल्क को गलत ठहराया। बुधवार को परिसर में सुबह-शाम सैर करने वाले लोगों की संख्या कम रही। तमाम लोग विश्वविद्यालय के गेट पर आए, लेकिन शुल्क लगने की बात सुनकर लौट गए।
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वहीं, 10 लोगों ने परिसर में टहलने के लिए पंजीकरण कराया। विश्वविद्यालय प्रशासन के इस निर्णय पर शहर भर में किरकिरी हो रही थी। इसके बाद विश्वविद्यालय को शुल्क लगाने का फैसला वापस लेना पड़ा। कुलानुशासक प्रो. अमिता सिंह ने बताया कि काशी की जनता की मांग को देखते हुए 500 रुपये मासिक शुल्क का निर्णय निरस्त कर दिया गया है।
100 रुपये में बनेगा परिचय पत्र
अब परिसर में सुबह और शाम टहलने वाले नागरिकों को केवल परिचय पत्र बनवाना होगा। परिचय पत्र बनवाने के लिए उनसे 100 रुपये की धनराशि ली जाएगी। परिसर में टहलने के इच्छुक नागरिक आधार कार्ड एवं निवास प्रमाण पत्र की छायाप्रति एवं एक नवीनतम पासपोर्ट फोटो के साथ शुल्क देकर कुलानुशासक कार्यालय से अपना परिचय पत्र बनवा सकते हैं।