वाराणसी: उत्तर रेलवे की सबसे बड़ी लूप लाइन जून तक होगी तैयार, एक साथ दो मालगाड़ियां हो सकेंगी खड़ी
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शिवपुर रेलवे स्टेशन पर सबसे बड़ी लूप लाइन का काम जून 2022 तक पूरा कर लिया जाएगा। आने वाले दिनों में यहां दो मालगाड़ियां आसानी से खड़ी हो सकेंगी। इंजनों को आसानी से आगे पीछे भी किया सकेगा। वर्तमान में 55 प्रतिशत काम पूरा हो गया है।
आने वाले समय में कैंट स्टेशन से लखनऊ व दिल्ली जाने वाली कुछ ट्रेनों को शिवपुर स्टेशन से संचालित किया जा सकेगा। मालगाड़ी की लंबाई 686 मीटर होती है। जो एक साधारण लूप लाइन के बराबर होती है जबकि शिवपुर स्टेशन पर निर्मित हो रहे लूप लाइन की लंबाई 1785 मीटर है।
जिस पर दो मालगाड़ियां एक साथ खड़ी हो सकेंगी। इस पर यात्री ट्रेनें भी आसानी से खड़ी हो पाएंगी। अभी तक 52 वैगन से अधिक की मालगाड़ी मुगलसराय में खड़ी की जाती थी। जिसके लिए समय और खर्च अधिक आता था।
कुल 12 करोड़ से होगा निर्मित
उत्तर रेलवे के कुल 18 रेल स्टेशनों पर कुल 28 लूप लाइनों के निर्माण का प्रस्ताव बनाया गया था। जिसके लिए 309 करोड़ रुपये निर्धारित हैं। शिवपुर के 1785 मीटर लंबी इस लूप लाइन को बनाने में कुल 12 करोड़ की लागत आएगी।
क्या है लूप लाइन
ट्रेनों के आने और जाने के लिए रेलवे स्टेशनों के प्लेटफार्म पर दो लाइनें होती हैं। इन्हें मेन लाइन कहते हैं। रेलवे प्लेटफार्म पर इन मेन लाइनों के साइड में अतिरिक्त लाइन बनाई जाती है। जहां मालगाड़ी खड़ी की जाती है। इन्हें लूप लाइन कहते हैं।
उत्तर रेलवे लखनऊ के मंडल रेल प्रबंधक सुरेश कुमार सपरा ने बताया कि शिवपुर रेलवे स्टेशन पर उत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल की सबसे बड़ी लूप लाइन जून तक बनकर तैयार हो जाएगी। इन पर दो मालगाड़ियों को एक साथ खड़ा किया जा सकेगा।