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काशी में बारिश का रिकॉर्ड: 160 मिमी बारिश का तीसरा सबसे बड़ा रिकॉर्ड, जानें- कैसा रहेगा कल का मौसम
Wed, 26 Aug 2026 12:35 PM IST
Pragati Chand
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: Pragati Chand
Updated Wed, 26 Aug 2026 12:35 PM IST
सार
वाराणसी में सोमवार से मंगलवार तक मेघ झूमकर बरसे। ऐसे में अगस्त के इतिहास में एक दिन में इतनी बारिश तीसरी बार देखी गई। पूरे जिले में औसतन 150 मिलीमीटर और बीएचयू में 145 मिलीमीटर पानी बरसा। ये सिर्फ 12 घंटे का ही डेटा है।
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बारिश में सड़क पार करतीं महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
काशी में अचानक बने लो प्रेशर और मानसून ट्रफ रेखा ने काशी में जोरदार 160 मिलीमीटर बारिश कराई। अगस्त के इतिहास में एक दिन में इतनी बारिश तीसरी बार देखी गई। इससे पहले 12 अगस्त 1987 को 165 मिमी और पिछले साल 23 अगस्त को 161.8 मिमी बरसात हुई थी। वहीं, इस साल की भी सबसे ज्यादा बारिश रही। मंगलवार को जिले में सबसे ज्यादा 160 मिलीमीटर बारिश राजातालाब में रिकॉर्ड हुई।
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वहीं, पूरे जिले में औसतन 150 मिलीमीटर और बीएचयू में 145 मिलीमीटर पानी बरसा। ये सिर्फ 12 घंटे का ही डेटा है। सोमवार की रात से मंगलवार सुबह साढ़े आठ बजे तक 123 मिलीमीटर तो उसके बाद दिन में उत्तरी बनारस में 42.5 मिमी बारिश हुई।
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यूपी आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ विज्ञानी डॉ. अतुल कुमार सिंह के अनुसार, बारिश का ये दौर बुधवार और बृहस्पतिवार तक जारी रह सकता है। दरअसल मानसून की ट्रफ लाइन बनारस के ऊपर से ही होकर गुजर रही है और झारखंड व आसपास के इलाकों में ही लो प्रेशर की स्थिति बनी हुई है। मानसून ट्रफ लाइन कम वायुदाब की एक लंबी और काल्पनिक रेखा है जो भारत में मानसूनी बारिश का मुख्य मार्ग तय करती है।
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कल तक ऐसी स्थिति के आसार
पूरे दिन 20 से 25 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलती रही। अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शाम छह बजे के बाद काशी का पारा 25 डिग्री तक आ गया था। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार, मानसून की ट्रफ लाइन का पश्चिमी छोर हिमालय की तराई में जम्मू और देहरादून की ओर खिसकने के बावजूद झारखंड के आसपास निम्न दाब का क्षेत्र बन गया है। इससे मानसून की द्रोणी का पूर्वी छोर शाहजहांपुर से होते हुए उत्तरा पश्चिमी बंगाल की खाड़ी तक जाने से मानसून की ताकत 27 अगस्त तक बनी रह सकती है। आगामी 24 घंटे में भारी बारिश होने के आसार हैं।
पूरे दिन 20 से 25 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलती रही। अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शाम छह बजे के बाद काशी का पारा 25 डिग्री तक आ गया था। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार, मानसून की ट्रफ लाइन का पश्चिमी छोर हिमालय की तराई में जम्मू और देहरादून की ओर खिसकने के बावजूद झारखंड के आसपास निम्न दाब का क्षेत्र बन गया है। इससे मानसून की द्रोणी का पूर्वी छोर शाहजहांपुर से होते हुए उत्तरा पश्चिमी बंगाल की खाड़ी तक जाने से मानसून की ताकत 27 अगस्त तक बनी रह सकती है। आगामी 24 घंटे में भारी बारिश होने के आसार हैं।