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Varanasi: गंगा के रौद्र रूप को शांत करने के लिए निषाद समाज ने किया पूजन, आरपी घाट पर जलाए 101 दीप
Fri, 20 Sep 2024 09:01 PM IST
नितीश कुमार पांडेय
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
Published by: नितीश कुमार पांडेय
Updated Fri, 20 Sep 2024 09:01 PM IST
सार
मोक्षदायिनी के रौद्र रूप को शांत करने के लिए वाराणसी के नाविकों ने हवन पूजन कर महादेव के प्रार्थना की कि गंगा के प्रवाह को शांत करें।दो माह से नौका संचालन बंद है और नाविक समाज के बड़े तबके के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो रहा है ऐसे में नाविक समाज अब भोलेनाथ की शरण में है।
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पूजन के लिए इकट्ठा निषाद समाज
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
मां गंगा निषाद राज सेवा समिति उत्तर प्रदेश वाराणसी के तत्वावधान में मां गंगा की रौद्र रूप को शांत करने के लिए राजेंद्र प्रसाद घाट पर पूजा का आयोजन किया गया जिसमें सैकड़ों की संख्या में मांझी समाज के लोग शामिल हुए। गंगा पुत्रों द्वारा मां गंगा के रूद्र रूप को शांत करने के लिए प्रार्थना की गई।
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समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद कुमार निषाद गुरु ने मां गंगा की भव्य पूजा पाठ 51 दीपों का दान कर बाबा विश्वनाथ से प्रार्थना की कि अपनी जटा में गंगा को समाहित करें ताकि उनका रोजगार पटरी पर आ सके।
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गौरतलब है कि वाराणसी में नाविक समाज का बड़ा तबका रोजाना कमाने और खाने वाला है। गंगा में बाढ़ के कारण नौका संचालन प्रतिबंधित है लिहाजा नाविकों का रोजगार ठप्प है अगर बाढ़ का संकट आगे भी जारी रहा तो नौका संचालन से जुड़े कई घरों में जीविका का संकट खड़ा हो सकता है लिहाजा नाविक महादेव की शरण में हैं और हवन पूजन कर उनसे गुहार लगा रहे हैं।
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