निर्भया केस: सात साल से न्याय का इंतजार कर रहे, दोषियों के फांसी पर लटकने के बाद ही मनाएंगे होली
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
निर्भया के साथ घटना के बाद से परिवार के लोग होली नहीं मना रहे हैं। 20 मार्च को दोषियों को फांसी की सजा होने के बाद परिवार के लोग होली और दीपावली मनाना शुरू करेंगे। ये बातें निर्भया के पिता ने रविवार को अमर उजाला से टेलीफोन पर हुई बातचीत के दौरान कहीं।
16 दिसंबर 2012 को दिल्ली में सामूहिक दुष्कर्म की शिकार निर्भया की सिंगापुर में इलाज के दौरान 29 दिसंबर 2012 को मौत हो गई थी। तभी से निर्भया का पूरा परिवार न्याय दिलाने के लिए पटियाला हाउस कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट के चक्कर काट रहा है। तीन बार फांसी का डेथ वारंट जारी होने के बाद भी दोषियों को फांसी पर नहीं लटकाया जा सका।
चौथी बार डेथ वारंट जारी हुआ है, जिसमें पटियाला हाउस कोर्ट ने 20 मार्च को सुबह साढ़े 5 बजे दोषियों को फांसी पर लटकाने का आदेश दिया है। निर्भया के पिता ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि घटना के बाद से ही सात वर्षों से घर पर होली नहीं मनाई जा रही है।
उम्मीद थी कि दरिंदों को होली से पहले फांसी के फंदे पर लटका दिया जाएगा लेकिन कानूनी दांवपेच में मामला लटका रहा। पूरा विश्वास है कि अब 20 मार्च को दरिंदे फांसी पर अवश्य लटक जाएंगे। इसके बाद परिवार में होली और दीपावली मनाई जाएगी। निर्भया के बाबा ने कहा कि मेरे घर पर भी होली हर साल फीकी रहती है।
इस साल लगा था कि घर पर होली मनेगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। वह खुद घर छोड़ चुके हैं और होली के बाद आएंगे। पूरा यकीन है कि चारों दरिंदों को 20 मार्च को फांसी के फंदे पर लटकाया जाएगा। इसके बाद हम हम होली मनाएंगे। सामाजिक कार्यकर्ता अश्वनी पांडेय ने भी कहा कि हम लोगों की होली 20 मार्च के बाद मनेगी।